भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का ‘एसआईआर टेस्ट’, गनीमत रही कि पास हो गए इंदौरी नेता.
इंदौर। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष आज इंदौर आकर उज्जैन गए। इस दौरान उनके स्वागत के लिए पहुंचे नेता उस समय हैरान रह गए, जब उनसे एसआईआर को लेकर सवाल पूछे गए। गनीमत रही कि वहां उपस्थित सारे नेताओं ने सही जवाब दिए और टेस्ट में पास हो गए।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों देश के कई राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है और विपक्षी दल लगातार भाजपा पर निशाना साध रहा है। पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश सहित कई राज्यों में एसआईआर का जबरदस्त विरोध हो रहा है। जाहिर है भाजपा भी एसआईआर को लेकर चिन्तित है। यही वजह है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व अपने नेताओं से एसआईआर का फीडबैक ले रहा है।
भार्गव, सोनकर, शुक्ला और गौड़ से पूछे सवाल
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का स्वागत करने के लिए प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, म.प्र. राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, विधायक मालिनी गौड़ और गोलू शुक्ला पहुंचे थे। बीएल संतोष ने सबसे एसआईआर को लेकर ही सवाल किए। कितने नाम कटे, लोगों का क्या रिएक्शन रहा आदि जानकारी ली। वो तो अच्छा रहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया से सब नेता वाकिफ थे और बीएल संतोष को संतोषजनक जवाब दिया।
काफी नेता सीएम की अगवानी में लगे रहे
इंदौर में आज सीएम डॉ.मोहन यादव भी हैं। इस कारण बीएल संतोष के स्वागत के लिए नेताओं की भीड़ कम पहुंची। मंत्री तुलसी सिलावट, महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, श्रवण चावड़ा सहित कई नेता बीएल संतोष के स्वागत में नहीं पहुंचे। आमतौर पर संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री के स्वागत में नेताओं की भीड़ उमड़ पड़ती है, लेकिन जिन्हें यह लगा कि सीएम ज्यादा महत्वपूर्ण हैं, वे वहीं गए।
संगठन में है बीएल संतोष का दबदबा
भाजपा संगठन में बीएल संतोष को गृह मंत्री अमित शाह के बाद सबसे पावरफुल माना जाता है। सारे बड़े फैसले बीएल संतोष की सहमति से ही लिए जाते हैं। कहा जाता है कि उनका फैसला कोई टाल नहीं सकता। हाल ही में जब उज्जैन के लैंड पूलिंग एक्ट का मामला गरमाया था, तो बीएल संतोष के हस्तक्षेप की वजह से ही उसे वापस लिया गया।