मुंबई मेयर पद पर सियासी घमासान तेज: बाल ठाकरे जन्मशती वर्ष में शिवसेना ने जताया दावा, शिंदे का बड़ा संकेत.
मुंबई मेयर पद पर सियासी घमासान तेज: बाल ठाकरे जन्मशती वर्ष में शिवसेना ने जताया दावा, शिंदे का बड़ा संकेत
चुनाव के बाद मुंबई के मेयर पद को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। इसी बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संकेत दिए हैं कि शिवसेना मुंबई मेयर पद का दावा कर सकती है। उन्होंने कहा कि यह बाल ठाकरे के जन्मशती वर्ष में पार्टी और शिवसैनिकों की भावनाओं से जुड़ा सम्मान का विषय है।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि कुछ शिवसैनिकों की भावना है कि इस विशेष वर्ष में बीएमसी का मेयर शिवसेना का होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुंबई में महायुति गठबंधन का ही मेयर बनेगा। शिंदे के मुताबिक जिन नगर निगमों में शिवसेना और भाजपा ने मिलकर चुनाव लड़ा है, वहां महायुति गठबंधन के ही मेयर होंगे।
उन्होंने बताया कि बालासाहेब ठाकरे का जन्मशती वर्ष 23 जनवरी से शुरू हो रहा है और इसी को देखते हुए यह मांग सामने आई है। हालांकि शिंदे ने यह भी दोहराया कि शिवसेना जनता के जनादेश के खिलाफ कोई फैसला नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि बीएमसी चुनावों में शिवसेना और भाजपा ने गठबंधन के तहत ही चुनाव लड़ा था।
नए चुने गए शिवसेना सदस्यों को मुंबई के एक महंगे होटल में ठहराने को लेकर उठे सवालों पर शिंदे ने साफ किया कि इसका किसी नए राजनीतिक समीकरण से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था बीएमसी की कार्यप्रणाली को समझाने के लिए आयोजित कार्यशाला के तहत की गई है।
बताया जा रहा है कि शिंदे कम से कम पहले ढाई साल के लिए बीएमसी मेयर पद शिवसेना को दिलाने के पक्ष में हैं, ताकि बाल ठाकरे के जन्मशती वर्ष में यह सम्मान मिल सके। उल्लेखनीय है कि बीएमसी चुनावों में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना 65 सीटों के साथ भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। भाजपा ने 89 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें जीतकर 227 सदस्यीय बीएमसी में महायुति गठबंधन को बहुमत दिलाया।
इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई समेत 28 नगर निगमों में मेयर पद के आरक्षण को लेकर 22 जनवरी को लॉटरी आयोजित करने का कार्यक्रम तय किया है। इस लॉटरी से यह तय होगा कि मेयर पद सामान्य, महिला, एससी, एसटी या ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होगा।