श्रीनगर नौगाम धमाका: हाई-लेवल कमेटी गठित, फोरेंसिक विशेषज्ञों संग पड़ताल तेज
श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण बम विस्फोट की जांच अब तेज हो गई है। प्रदेश प्रशासन ने इस गंभीर हादसे की विस्तृत पड़ताल के लिए गृह विभाग के प्रधान सचिव की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में केंद्रीय फोरेंसिक साइंस लैब (CFSL) के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक को भी शामिल किया गया है, जिससे तकनीकी जांच और मजबूत होगी।

समिति की जांच के दायरे में क्या?
यह उच्चस्तरीय कमेटी:
- विस्फोट के कारणों की जांच कर रही है
- संभावित लापरवाही की पहचान कर रही है
- हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों को चिन्हित कर रही है
समिति जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
कैसे हुआ था यह बड़ा हादसा?
14 नवंबर को नौगाम पुलिस स्टेशन में तब भयानक धमाका हुआ, जब फरीदाबाद से बरामद किए गए विस्फोटकों की जांच की जा रही थी।
- धमाका इतना तेज था कि पुलिस स्टेशन की इमारत पूरी तरह ध्वस्त हो गई।
- हादसे में छह पुलिसकर्मी, एक नागरिक और दो राजस्व कर्मियों समेत कुल नौ लोगों की मौत हो गई।
- करीब 32 लोग घायल हुए थे।
धमाके के समय फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के विशेषज्ञ नमूने इकट्ठा कर रहे थे। नमूना लेने की प्रक्रिया के दौरान ही गलत तरीके से विस्फोट हो गया।
पृष्ठभूमि: जैश मॉड्यूल और बरामद विस्फोटक
नौगाम पुलिस स्टेशन के अधीन क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर मिलने के बाद सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ था।
इसी जांच के सिलसिले में फरीदाबाद से बरामद विस्फोटक सामग्री को श्रीनगर लाया गया था।
जांच समिति के सदस्य
16 नवंबर को गठित इस समिति में शामिल हैं:
- प्रधान सचिव, गृह विभाग (अध्यक्ष)
- आईजी पुलिस, कश्मीर रेंज
- जिला मजिस्ट्रेट, श्रीनगर
- CFSL के वरिष्ठ वैज्ञानिक
यह जांच अब पूरी गंभीरता और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ आगे बढ़ रही है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
श्रीनगर नौगाम धमाका: हाई-लेवल कमेटी गठित, फोरेंसिक विशेषज्ञों संग पड़ताल तेज
श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण बम विस्फोट की जांच अब तेज हो गई है। प्रदेश प्रशासन ने इस गंभीर हादसे की विस्तृत पड़ताल के लिए गृह विभाग के प्रधान सचिव की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में केंद्रीय फोरेंसिक साइंस लैब (CFSL) के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक को भी शामिल किया गया है, जिससे तकनीकी जांच और मजबूत होगी।
समिति की जांच के दायरे में क्या?
यह उच्चस्तरीय कमेटी:
विस्फोट के कारणों की जांच कर रही है
संभावित लापरवाही की पहचान कर रही है
हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों को चिन्हित कर रही है
समिति जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
कैसे हुआ था यह बड़ा हादसा?
14 नवंबर को नौगाम पुलिस स्टेशन में तब भयानक धमाका हुआ, जब फरीदाबाद से बरामद किए गए विस्फोटकों की जांच की जा रही थी।
धमाका इतना तेज था कि पुलिस स्टेशन की इमारत पूरी तरह ध्वस्त हो गई।
हादसे में छह पुलिसकर्मी, एक नागरिक और दो राजस्व कर्मियों समेत कुल नौ लोगों की मौत हो गई।
करीब 32 लोग घायल हुए थे।
धमाके के समय फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के विशेषज्ञ नमूने इकट्ठा कर रहे थे। नमूना लेने की प्रक्रिया के दौरान ही गलत तरीके से विस्फोट हो गया।
पृष्ठभूमि: जैश मॉड्यूल और बरामद विस्फोटक
नौगाम पुलिस स्टेशन के अधीन क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर मिलने के बाद सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ था।
इसी जांच के सिलसिले में फरीदाबाद से बरामद विस्फोटक सामग्री को श्रीनगर लाया गया था।
जांच समिति के सदस्य
16 नवंबर को गठित इस समिति में शामिल हैं:
प्रधान सचिव, गृह विभाग (अध्यक्ष)
आईजी पुलिस, कश्मीर रेंज
जिला मजिस्ट्रेट, श्रीनगर
CFSL के वरिष्ठ वैज्ञानिक
यह जांच अब पूरी गंभीरता और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ आगे बढ़ रही है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।