अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद लोकसभा पहुंचे स्पीकर ओम बिरला, बोले- किसी सदस्य को नियमों से परे जाकर बोलने का अधिकार नहीं .
नई दिल्ली। अपने खिलाफ लगे अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला आज सदन में पहुंचे और कार्रवाई का संचालन किया। इस दौरान बिरला ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान विपक्षी सांसदों द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नहीं बोलने देने के विपक्षी सासंदों के आरोपों पर कहा कि चाहे सदन में कोई भी नेता हो उन्हें सदन के अंदर नियमों और प्रक्रिया के तहत ही बोलने दिया जाता है।
ओम बिरला ने कहा कि प्रतिपक्ष के नेता किसी भी विषय पर नहीं बोल सकते हैं ये उनका विशेषाधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सदन नियमों से ही चलता है। सदन के कार्य संचालन का नियम सदन द्वारा ही बनाए गए हैं। ओम बिरला ने कहा कि ये सदन 140 करोड़ नागरिकों के संप्रभु इच्छा का प्रतिनिधत्व करता है। उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा ये प्रयास किया है कि सदन के अंदर प्रत्येक सदस्य नियमों और प्रक्रियाओं के तहत अपने विचार व्यक्त करें।
ओम बिरला ने कहा कि सदन में जब भी लोकमत के किसी विषय का मुद्दा होता है तो चाहे पीएम हों या मंत्रीगण हों तो उन्हें नियम 370 के तहत अध्यक्ष से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होती है। बिरला ने कहा कि किसी सदस्य को नियमों से परे जाकर बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में नियमों का सम्मान की समृद्ध परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सदन नियम और प्रक्रिया से ही चलेगा। चाहे कोई सहमत हो या असहमत हो।
रला ने कहा कि 10 फरवरी 2026 को प्रतिपक्ष के कुछ माननीय सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया। उन्होंने कहा कि उनकी संविधान द्वारा स्थापित संसदीय लोकतंत्र की व्यवस्था में हमारी अटूट आस्था रही है। विपक्ष के इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मैंने खुद को सदन की कार्यवाही से अलग कर लिया। इस चर्चा के दौरान अनेक विचार अनेक भावनाएं सदन के सामने आईं। उन्होंने कहा कि वो सदन के अंदर सदस्यों की बात को गंभीरता और ध्यान से सुना। चाहे सदस्यों ने समर्थन में विचार रखे हों या आलोचना के रूप में अपने विचार दिए हों सबको धन्यवाद करता हूं। ये आसन किसी व्यक्ति का नहीं ये भारत की लोकतांत्रिक परंपरा, संविधान की भावना और महान परंपरा का प्रतीक है। मैंने उस मर्यादा और परंपरा को मजबूत किया है।