एस. जयशंकर का पाकिस्तान को कड़ा संदेश: अब भारत परमाणु ब्लैकमेल से नहीं रुकेगा, आतंक को युद्ध समझा जाएगा
पहलगाम आतंकी हमले को बताया "आर्थिक युद्ध"
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यह हमला कश्मीर के पर्यटन उद्योग को तबाह करने की सोची-समझी साजिश थी।
- उन्होंने कहा, यह हमला सिर्फ हिंसा नहीं था, बल्कि भारत के आर्थिक हितों पर हमला था।
- हमलावरों ने पीड़ितों का धर्म पूछकर उन्हें निशाना बनाया, जिससे स्पष्ट है कि यह सांप्रदायिक उकसावे की योजना थी।

आतंकवाद को लेकर भारत का रुख और स्पष्ट
- जयशंकर ने कहा, भारत अब पाकिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
- परमाणु हथियारों की धमकी अब भारत को नहीं डराएगी।
- आतंकवादियों को छूट नहीं दी जाएगी और न ही उन्हें "प्रॉक्सी" मानकर हल्के में लिया जाएगा।
- जो सरकारें आतंकियों को शरण और फंडिंग देती हैं, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ सीधा वार
- विदेश मंत्री ने कहा कि "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
- उन्होंने बताया कि ये संगठन पाकिस्तानी शहरों में कॉर्पोरेट ऑफिस जैसे ढांचों में काम करते हैं और सभी को उनके ठिकानों की जानकारी होती है।
परमाणु धमकी का जवाब: अब पीछे नहीं हटेगा भारत
जयशंकर ने कहा:
"अब हम यह सुनने को तैयार नहीं कि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं इसलिए हमें चुप रहना चाहिए। अगर कोई हमला करेगा, तो हम जवाब जरूर देंगे।"
आतंकवाद पर वैश्विक रुख की जरूरत
- जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के 9/11 स्मारक पर कहा कि दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति अपनानी चाहिए।
- उन्होंने कहा, कोई भी देश अपने राष्ट्रीय हितों को साधने के लिए आतंकवाद का इस्तेमाल न करे, क्योंकि अंत में यह पूरे विश्व को नुकसान पहुंचाता है।
पाकिस्तान से संबंध: द्विपक्षीय और निर्णायक
- विदेश मंत्री ने कहा कि भारत में इस बात पर राष्ट्रीय सहमति है कि पाकिस्तान से संबंध पूरी तरह द्विपक्षीय हैं।
- उन्होंने बताया कि 9 मई की रात अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी को चेताया था कि पाकिस्तान बड़ा हमला कर सकता है।
- पीएम मोदी ने साफ कहा:
"अगर हमला होगा तो हम जवाब देंगे। गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा।"
- रात को पाकिस्तान ने हमला किया और भारत ने तुरंत कड़ा जवाब दिया।
- अगली सुबह अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने जयशंकर को कॉल करके बताया कि पाकिस्तान बातचीत को तैयार है।
व्यापार वार्ता पर ट्रंप के बयान का असर नहीं
राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयान पर सवाल पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।
- उन्होंने भरोसा जताया कि व्यापारिक टीमें पेशेवर हैं और वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
जयशंकर का यह बयान न सिर्फ पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी संदेश है कि भारत अब आतंकवाद को युद्ध जैसा अपराध मानते हुए निर्णायक कार्रवाई करेगा। साथ ही, भारत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहमति बनाने की ओर भी लगातार प्रयासरत है।
एस. जयशंकर का पाकिस्तान को कड़ा संदेश: अब भारत परमाणु ब्लैकमेल से नहीं रुकेगा, आतंक को युद्ध समझा जाएगा
पहलगाम आतंकी हमले को बताया "आर्थिक युद्ध"
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यह हमला कश्मीर के पर्यटन उद्योग को तबाह करने की सोची-समझी साजिश थी।
उन्होंने कहा, यह हमला सिर्फ हिंसा नहीं था, बल्कि भारत के आर्थिक हितों पर हमला था।
हमलावरों ने पीड़ितों का धर्म पूछकर उन्हें निशाना बनाया, जिससे स्पष्ट है कि यह सांप्रदायिक उकसावे की योजना थी।
आतंकवाद को लेकर भारत का रुख और स्पष्ट
जयशंकर ने कहा, भारत अब पाकिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
परमाणु हथियारों की धमकी अब भारत को नहीं डराएगी।
आतंकवादियों को छूट नहीं दी जाएगी और न ही उन्हें "प्रॉक्सी" मानकर हल्के में लिया जाएगा।
जो सरकारें आतंकियों को शरण और फंडिंग देती हैं, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ सीधा वार
विदेश मंत्री ने कहा कि "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
उन्होंने बताया कि ये संगठन पाकिस्तानी शहरों में कॉर्पोरेट ऑफिस जैसे ढांचों में काम करते हैं और सभी को उनके ठिकानों की जानकारी होती है।
परमाणु धमकी का जवाब: अब पीछे नहीं हटेगा भारत
जयशंकर ने कहा:
"अब हम यह सुनने को तैयार नहीं कि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं इसलिए हमें चुप रहना चाहिए। अगर कोई हमला करेगा, तो हम जवाब जरूर देंगे।"
आतंकवाद पर वैश्विक रुख की जरूरत
जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के 9/11 स्मारक पर कहा कि दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति अपनानी चाहिए।
उन्होंने कहा, कोई भी देश अपने राष्ट्रीय हितों को साधने के लिए आतंकवाद का इस्तेमाल न करे, क्योंकि अंत में यह पूरे विश्व को नुकसान पहुंचाता है।
पाकिस्तान से संबंध: द्विपक्षीय और निर्णायक
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत में इस बात पर राष्ट्रीय सहमति है कि पाकिस्तान से संबंध पूरी तरह द्विपक्षीय हैं।
उन्होंने बताया कि 9 मई की रात अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी को चेताया था कि पाकिस्तान बड़ा हमला कर सकता है।
पीएम मोदी ने साफ कहा:
"अगर हमला होगा तो हम जवाब देंगे। गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा।"
रात को पाकिस्तान ने हमला किया और भारत ने तुरंत कड़ा जवाब दिया।
अगली सुबह अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने जयशंकर को कॉल करके बताया कि पाकिस्तान बातचीत को तैयार है।
व्यापार वार्ता पर ट्रंप के बयान का असर नहीं
राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयान पर सवाल पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।
उन्होंने भरोसा जताया कि व्यापारिक टीमें पेशेवर हैं और वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
जयशंकर का यह बयान न सिर्फ पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी संदेश है कि भारत अब आतंकवाद को युद्ध जैसा अपराध मानते हुए निर्णायक कार्रवाई करेगा। साथ ही, भारत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहमति बनाने की ओर भी लगातार प्रयासरत है।