अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी वॉरशिप पर श्रीलंका में किया हमला, 180 लोग थे सवार, 87 से ज्यादा के शव मिले.
वॉशिंगटन। अमेरिकाने श्रीलंका के दक्षिणी तट से गुजर रहे एक ईरानी जहाज पर पनडुब्बी से हमला किया है। इस जहाज पर 180 लोग सवार थे, जिनमें से 87 के शव मिले हैं। बाकी लोग लापता बताए जा रहे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि हिंद महासागर में भारत से लौट रहे ईरानी वॉरशिप को डुबो दिया गया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और एयरफोर्स चीफ ने पनडुब्बी से टारपीडो अटैक करते हुए इस ईरानी वॉरशिप को डुबोने की जानकारी दी। बुधवार को पीट के साथ प्रेस ब्रीफिंग में जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ यूएस एयर फोर्स के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि यही हमला एक फास्ट अटैक सबमरीन ने किया। इसमें एक Mk 48 टॉरपीडो का इस्तेमाल किया गया। समुद्री जहाज को तबाह करने के लिए पनडुब्बी से टॉरपीडो को दागा जाता है।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान का एक युद्धपोत टॉरपीडो से हमला करके डुबो दिया गया है। हिंद महासागर में अमेरिका ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। उनको लगा कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित हैं लेकिन उसे एक टॉरपीडो से डुबो दिया गया।
उल्लेखनीय है कि जहाज के डूबने की कॉल मिलने के बाद श्रीलंका की नेवी ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। श्रीलंका सरकार ने ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले में 87 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। श्रीलंका नेवी के एक प्रवक्ता ने कहा है कि जहाज के डॉक्युमेंट्स के मुताबिक, जहाज पर 180 लोग सवार थे। श्रीलंका की नेवी ने 32 लोगों को बचा लिया। ऐसे में अभी भी करीब 60 से ज्यादा लोग लापता हैं। बताया जाता है कि ईरानी जहाज ने हाल ही में भारत की ओर से आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में भाग लिया था।