देश में एलपीजी संकट पर उठ रहे सवाल…जब सब कांग्रेस ही कर रही तो आप क्या कर रहे सरकार?.
मिडिल ईस्ट में जब से तनाव चला है, देश के विभिन्न हिस्सों से एलपीजी की किल्लत की खबरें आ रही हैं। सरकार को कोई संकट नहीं दिख रहा। वह यह मानने को तैयार नहीं कि देश में एलपीजी की कोई किल्लत है।
और तो और इसके लिए सरकार कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा रही है। भाजपा के बड़े नेताओं से लेकर सीएम तक यह कह रहे हैं कि जो लोग लाइन में लगे हैं, वे कांग्रेस के बहकाने पर आए हैं। सबकुछ तो ठीक चल रहा है।
आज एक बार फिर पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बड़े-बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि देश में क्रूड ऑयल पर्याप्त मात्रा में है। एलपीजी-सीएनजी की सप्लाई भी हो रही है। कई राज्यों में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई भी शुरू कर दी गई है।
चलो यह मान भी लिया कि गैस एजेंसियों के यहां कांग्रेस ने अपने समर्थकों को लाइन में लगवा दिया होगा, लेकिन आपके ही शिक्षण संस्थानों मसलन आईआईटी के मेस से जो फोटो आ रहे हैं क्या उसे भी कांग्रेस ने एआई से बनाकर भेजा है। मुंबई आईआईटी के साथ ही अधिकांश आईआईटी ने अपने खाने का मैन्यू बदल दिया है। किसी के प्लेट से रोटी गायब है, तो किसी के प्लेट में सिर्फ चावल ही है। किसी के प्लेट में पानी वाली आलू की सब्जी के साथ सिर्फ पूरी है। मेस वाले प्लेट के सारे खाने भी नहीं भर पा रहे।
जब बेंगलुरु सहित कई स्थानों में होटल-रेस्टोरेंट के बंद होने की खबरें आ रही थीं, तब भी आप मानने को तैयार नहीं थे। बाद में आपने ही कहना शुरू कर दिया कि इंडक्शन, कोयला और केरोसिन-डीजल का इस्तेमाल करें। आप हर दिन एलपीजी की बुकिंग सहित अन्य नियमों में परिवर्तन करते जा रहे हैं। जब सबकुछ ठीक है तो ऐसा क्यों?
देखो सरकार, माना कि आपने देश की 140 करोड़ जनता में से आधी को भी अपना अंधभक्त बना लिया होगा, लेकिन जो दिख रहा है वह तो आपको भी दिखना चाहिए।
आपके अंधभक्त भी पेट पर गीला कपड़ा बांध सोने से तो रहे।
पहले ही आपने नोटबंदी से लेकर कोरोना तक लोगों को तपा रखा है। अब लोगों में बर्दाश्त करने की क्षमता नहीं।
वो जो कोरोना में आपने वाहवाही के लिए जल्दी-जल्दी वैक्सीन लगवा दिया था, उसने लोगों का इम्युनिटी पावर कमजोर कर दिया है।
अब तो मान भी जाओ सरकार…लोग पूछ रहे हैं जब सब कुछ कांग्रेस ही कर रही है तो आप क्या कर रहे हो…