भारत–ईयू FTA वार्ता निर्णायक मोड़ पर: 40 सदस्यीय यूरोपीय डेलिगेशन दिल्ली पहुंचा, 11 चैप्टर पर बनी सहमति.
भारत–ईयू FTA वार्ता निर्णायक मोड़ पर: 40 सदस्यीय यूरोपीय डेलिगेशन दिल्ली पहुंचा, 11 चैप्टर पर बनी सहमति
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर चल रही बातचीत अब अहम और निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुकी है। इसी सिलसिले में ईयू का 40 सदस्यीय वार्ताकार दल गुरुवार को नई दिल्ली पहुंचा, जिसे अब तक का सबसे महत्वपूर्ण दौरा माना जा रहा है।

भारत–ईयू FTA वार्ता 2022 में दोबारा शुरू की गई थी और अब तक 23 में से 11 चैप्टर पर सहमति बन चुकी है। हालांकि, मार्केट एक्सेस, सर्विसेज, निवेश, तकनीकी व्यापार बाधाएं और CBAM जैसे बड़े मुद्दों पर अभी भी सहमति बनना बाकी है।
ईयू-इंडिया एफटीए नेगोशिएशन 2.0
भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फिन ने वर्ल्ड एनुअल कॉन्क्लेव 2025 में कहा कि मौजूदा बातचीत पूरी तरह नया चरण है—इसे "EU–India FTA Negotiation 2.0" कहा जा सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते को पुराने नजरिये से नहीं देखा जा सकता क्योंकि वैश्विक हालात और दोनों पक्षों की प्राथमिकताएं काफी बदल चुकी हैं।
वैश्विक व्यापार पर बड़ा असर
डेल्फिन ने बताया कि दुनिया में बढ़ते व्यापार तनाव और टैरिफ विवादों के बीच एक नियम-आधारित भरोसेमंद ढांचा बेहद जरूरी है। भारत और ईयू संयुक्त रूप से दुनिया की GDP और वैश्विक आबादी का 25% हिस्सा रखते हैं, इसलिए दोनों के बीच FTA का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर होगा।
उन्होंने कहा कि ईयू के FTA हमेशा से व्यापार, निवेश और रोजगार बढ़ाने में मददगार रहे हैं और भारत–ईयू FTA भी दोनों पक्षों के लिए “विन–विन” साबित होगा।
बड़ी उम्मीदें, कुछ चुनौतियाँ
जहाँ 11 चैप्टर पर बातचीत पूरी हो चुकी है, वहीं वाहन क्षेत्र में मार्केट एक्सेस, सेवाओं और निवेश से जुड़े मुद्दे, टेक्निकल ट्रेड बैरियर्स और CBAM को लेकर मतभेद अभी भी बने हुए हैं।
राजदूत डेल्फिन ने आशा जताई कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और उद्योग जगत की अपेक्षाओं को देखते हुए दोनों पक्ष जल्द ही आवश्यक समायोजन कर एक संतुलित और लाभकारी समझौते पर पहुंचेंगे।