एसआईआर पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की ममता सरकार को फटकार, कहा-आपका तो हर अधिकारी राजनीतिक भाषा बोलता है.
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को जबरजस्त फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार के वकील को कहा कि आपका हर अधिकारी राजनीतिक भाषा बोलता है।
गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पश्चिम बंगाल के मालदा में एसआईआर का काम कर रहे तीन महिला अधिकारियों समेत सात जजों पर हमले के मामले पर संज्ञान लिया। सीजेआई सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचौली भी मामले पर सुनवाई कर रहे थे। बुधवार को दोपहर के समय प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर के काम में लगे न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया था। ये अधिकारी फाइनल वोटर लिस्ट से बाहर किए गए करीब 50 लाख लोगों के दावों और आपत्तियों की जांच कर रहे हैं। चीफ जस्टिस ने पश्चिम बंगाल के एडवोकेट जनरल को फटकार लगाते हुए कहा कि दुर्भाग्य से आपके राज्य में हर अधिकारी राजनीतिक भाषा बोलता है। क्या आप समझते हैं कि हम नहीं जानते कि उपद्रवी कौन थे? मैं रात 2 बजे तक स्थिति की जानकारी ले रहा था।
सीजेआई ने राज्य सरकार से कहा कि रात को 11 बजे तक आपके कलेक्टर भी वहां नहीं पहुंचे। मुझे न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए मौखिक रूप से सख्त आदेश देना पड़ा। चुनाव आयोग ने भी घटना की कड़ी निंदा की है। चुनाव आयोग के वकील दामा सेशाद्री नायडू ने कहा कि ऐसा भीड़तंत्र स्वीकर नहीं किया जाएगा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कहा कि यह अस्वीकार्य घटना है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने ही न्यायिक अधिकारियों को इस काम में लगाने का निर्देश दिया था।