ऑस्ट्रिया में स्कूलों में हिजाब पर कड़ा प्रतिबंध— नया कानून बढ़ा रहा बहस और विवाद
मध्य यूरोप के देश ऑस्ट्रिया ने स्कूलों में हिजाब पहनने पर सख़्त पाबंदी लगाने वाला नया कानून पारित किया है। दक्षिणपंथी पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार—जिसमें तीन मध्यमार्गी पार्टियां भी शामिल हैं—का कहना है कि यह कदम “जेंडर इक्वैलिटी के प्रति प्रतिबद्धता” है।

लेकिन आलोचकों का मानना है कि यह कानून मुस्लिम विरोधी भावना को बढ़ावा दे सकता है और संभवतः असंवैधानिक भी सिद्ध हो सकता है।
यह प्रतिबंध सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्कूलों में लागू होगा।
इससे पहले, 2020 में 10 साल से कम उम्र की लड़कियों पर लगाए गए हिजाब बैन को ऑस्ट्रिया की संवैधानिक अदालत ने रद्द कर दिया था।
नए कानून के तहत क्या होगा?
- यदि कोई छात्रा इस हिजाब बैन का उल्लंघन करती है, तो
उसे स्कूल अधिकारियों और अभिभावकों के साथ कई बैठकों में भाग लेना होगा।
- बार-बार उल्लंघन की स्थिति में मामला चाइल्ड और यूथ वेलफ़ेयर एजेंसी को भेजा जाएगा।
- अंतिम कदम के रूप में, परिवार या अभिभावकों पर अधिकतम 800 यूरो (करीब 84,000 रुपये) का जुर्माना लगाया जा सकता है।
यह नया कानून ऑस्ट्रिया में धर्म, स्वतंत्रता और समानता को लेकर बड़ी बहस छेड़ रहा है।
ऑस्ट्रिया में स्कूलों में हिजाब पर कड़ा प्रतिबंध— नया कानून बढ़ा रहा बहस और विवाद
मध्य यूरोप के देश ऑस्ट्रिया ने स्कूलों में हिजाब पहनने पर सख़्त पाबंदी लगाने वाला नया कानून पारित किया है। दक्षिणपंथी पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार—जिसमें तीन मध्यमार्गी पार्टियां भी शामिल हैं—का कहना है कि यह कदम “जेंडर इक्वैलिटी के प्रति प्रतिबद्धता” है।
लेकिन आलोचकों का मानना है कि यह कानून मुस्लिम विरोधी भावना को बढ़ावा दे सकता है और संभवतः असंवैधानिक भी सिद्ध हो सकता है।
यह प्रतिबंध सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्कूलों में लागू होगा।
इससे पहले, 2020 में 10 साल से कम उम्र की लड़कियों पर लगाए गए हिजाब बैन को ऑस्ट्रिया की संवैधानिक अदालत ने रद्द कर दिया था।
नए कानून के तहत क्या होगा?
यदि कोई छात्रा इस हिजाब बैन का उल्लंघन करती है, तो
उसे स्कूल अधिकारियों और अभिभावकों के साथ कई बैठकों में भाग लेना होगा।
बार-बार उल्लंघन की स्थिति में मामला चाइल्ड और यूथ वेलफ़ेयर एजेंसी को भेजा जाएगा।
अंतिम कदम के रूप में, परिवार या अभिभावकों पर अधिकतम 800 यूरो (करीब 84,000 रुपये) का जुर्माना लगाया जा सकता है।
यह नया कानून ऑस्ट्रिया में धर्म, स्वतंत्रता और समानता को लेकर बड़ी बहस छेड़ रहा है।