पीएम मोदी के एलान के बाद अब जीएसटी में दो स्लैब का प्रस्ताव, रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स कम होने की संभावना.
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से जीएसटी को लेकर बड़ा एलान किया था। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देशवासियों को इस साल दीवाली में दोहरा तोहफा मिलेगा। उन्होंने कहा कि दीवाली पर जीएसटी में हम बड़ा रिफॉर्म लेकर आने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके आने के बाद रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स कम हो जाएगा।
बताया जाता है कि पीएम मोदी के एलान के बीच वित्त मंत्री ने जीएसटी काउंसिल को एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें स्ट्रक्चरल रिफऑर्म, टैक्स रेट को कम करने के साथ जीएसटी को और आसान बनाने की बात कही गई है। नए ढांचे में जीएसटी की दो मुख्य दरें होंगी, पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत। इसके अलावा, लक्जरी और हानिकारक वस्तुओं (जैसे शराब, तंबाकू आदि) पर 40 प्रतिशत का विशेष कर लगाया जाएगा। बताया जाता है कि वर्तमान 12 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में आने वाली लगभग 99 प्रतिशत वस्तुएं अब पांच प्रतिशत वाले स्लैब में चली जाएंगी। वहीं 28 प्रतिशत वाले स्लैब में आने वाली करीब 90 प्रतिशत वस्तुएं अब 18 प्रतिशत वाले स्लैब में आ जाएंगी।
फिलहाल, 0% टैक्स जरूरी खाद्य वस्तुओं पर, 5% रोजमर्रा की चीजों पर, 12% सामान्य सामान पर, 18% इलेक्ट्रॉनिक्स और सेवाओं पर, और 28% लग्जरी/हानिकारक वस्तुओं पर लगता है। नए सिस्टम में 12% और 28% की दरें खत्म हो जाएंगी। वर्तमान जीएसटी ढांचे में सबसे ज्यादा कमाई (65%) 18% टैक्स स्लैब से होती है, जबकि 28% वाले लग्जरी/हानिकारक सामान से 11%, 12% वाले स्लैब से 5%, और 5% वाले रोजमर्रा के सामान से 7% योगदान आता है। केंद्र सरकार के प्रस्तावित जीएसटी सुधार में ऑनलाइन गेमिंग को 'हानिकारक वस्तुओं' की श्रेणी में रखा जा सकता है, जिस पर अधिकतम टैक्स दर लागू होगी। सूत्रों के मुताबिक, इस नए ढांचे से कपड़ा, खाद, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, हस्तशिल्प, कृषि, स्वास्थ्य और बीमा जैसे आठ सेक्टरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।