RBI की बड़ी घोषणा: रेपो रेट में कटौती, बैंकों को कड़ा संदेश और शिकायतों पर दो महीने का विशेष अभियान
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसलों की घोषणा करते हुए बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र को ग्राहकों को सर्वोपरि रखने का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बैंक और NBFCs अपनी नीतियों व कामकाज में ग्राहक सेवाओं को प्राथमिकता दें और शिकायतों की संख्या को कम करें।

रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती
एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो रेट 25 आधार अंक घटाकर 5.25% करने का फैसला किया है।
केंद्रीय बैंक ने अपना रुख ‘तटस्थ’ बनाए रखा है, जिससे कर्ज लेने वालों को राहत मिलने की उम्मीद है।
1 जनवरी से दो महीने का ‘विशेष शिकायत निपटान अभियान’
गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि बढ़ती शिकायतों को देखते हुए, आरबीआई लोकपाल में एक महीने से अधिक समय से लंबित सभी शिकायतों को निपटाने के लिए 1 जनवरी से दो महीने का विशेष अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा हाल के दिनों में शिकायतों की संख्या बढ़ी है, जिसके कारण लोकपाल के पास लंबित मामलों में भी इजाफा हुआ है।
ग्राहक सेवा सुधारने के लिए बड़े कदम
गवर्नर ने बताया कि आरबीआई ने हाल में कई प्रमुख कदम उठाए हैं:
- री-केवाईसी प्रक्रिया में सुधार
- वित्तीय समावेशन बढ़ाने की पहल
- ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ अभियान
- ‘सिटिजन चार्टर’ की समीक्षा
- सभी सेवाओं के आवेदन प्रोसेस को पूरी तरह ऑनलाइन करना
उन्होंने कहा कि 99.8% से ज्यादा आवेदन निर्धारित समय में निपटाए जा रहे हैं।
उपभोक्ता शिकायतों में 13.55% की बढ़ोतरी
आरबीआई की ‘एकीकृत लोकपाल योजना वार्षिक रिपोर्ट (FY 2024-25)’ में बताया गया है कि:
- इस वित्त वर्ष 13.34 लाख शिकायतें दर्ज हुईं
- इनमें लोन एवं एडवांस 29.25% के साथ सबसे आगे
- क्रेडिट कार्ड शिकायतें 20.04% बढ़ीं
- मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग शिकायतों में 12.74% की कमी
- कुल शिकायतों में बैंकों की हिस्सेदारी 81.53%, NBFCs की 14.80%
रिपोर्ट में डिजिटल लेनदेन से जुड़े मामलों, लोन/क्रेडिट कार्ड विवादों और बढ़ते साइबर धोखाधड़ी मामलों पर भी चिंता जताई गई है।
RBI की बड़ी घोषणा: रेपो रेट में कटौती, बैंकों को कड़ा संदेश और शिकायतों पर दो महीने का विशेष अभियान
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसलों की घोषणा करते हुए बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र को ग्राहकों को सर्वोपरि रखने का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बैंक और NBFCs अपनी नीतियों व कामकाज में ग्राहक सेवाओं को प्राथमिकता दें और शिकायतों की संख्या को कम करें।
रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती
एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो रेट 25 आधार अंक घटाकर 5.25% करने का फैसला किया है।
केंद्रीय बैंक ने अपना रुख ‘तटस्थ’ बनाए रखा है, जिससे कर्ज लेने वालों को राहत मिलने की उम्मीद है।
1 जनवरी से दो महीने का ‘विशेष शिकायत निपटान अभियान’
गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि बढ़ती शिकायतों को देखते हुए, आरबीआई लोकपाल में एक महीने से अधिक समय से लंबित सभी शिकायतों को निपटाने के लिए 1 जनवरी से दो महीने का विशेष अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा हाल के दिनों में शिकायतों की संख्या बढ़ी है, जिसके कारण लोकपाल के पास लंबित मामलों में भी इजाफा हुआ है।
ग्राहक सेवा सुधारने के लिए बड़े कदम
गवर्नर ने बताया कि आरबीआई ने हाल में कई प्रमुख कदम उठाए हैं:
री-केवाईसी प्रक्रिया में सुधार
वित्तीय समावेशन बढ़ाने की पहल
‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ अभियान
‘सिटिजन चार्टर’ की समीक्षा
सभी सेवाओं के आवेदन प्रोसेस को पूरी तरह ऑनलाइन करना
उन्होंने कहा कि 99.8% से ज्यादा आवेदन निर्धारित समय में निपटाए जा रहे हैं।
उपभोक्ता शिकायतों में 13.55% की बढ़ोतरी
आरबीआई की ‘एकीकृत लोकपाल योजना वार्षिक रिपोर्ट (FY 2024-25)’ में बताया गया है कि:
इस वित्त वर्ष 13.34 लाख शिकायतें दर्ज हुईं
इनमें लोन एवं एडवांस 29.25% के साथ सबसे आगे
क्रेडिट कार्ड शिकायतें 20.04% बढ़ीं
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग शिकायतों में 12.74% की कमी
कुल शिकायतों में बैंकों की हिस्सेदारी 81.53%, NBFCs की 14.80%
रिपोर्ट में डिजिटल लेनदेन से जुड़े मामलों, लोन/क्रेडिट कार्ड विवादों और बढ़ते साइबर धोखाधड़ी मामलों पर भी चिंता जताई गई है।