ज़ेलेंस्की ने ट्रंप को यूक्रेन आने का दिया न्योता, युद्ध से पहले ज़मीनी हकीकत देखने की अपील.
ज़ेलेंस्की ने ट्रंप को यूक्रेन आने का दिया न्योता, युद्ध से पहले ज़मीनी हकीकत देखने की अपील
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूक्रेन यात्रा का न्योता दिया है। ज़ेलेंस्की ने आग्रह किया है कि रूस के साथ किसी भी तरह के समझौते या बातचीत से पहले ट्रंप को यूक्रेन आकर युद्ध की वास्तविकता को स्वयं देखना चाहिए।

ज़ेलेंस्की ने कहा,
"कृपया किसी भी फैसले या बातचीत से पहले यहां आइए। लोगों को देखिए, हमारी सेना को देखिए, हॉस्पिटल, चर्च, और उन बच्चों को देखिए जो मारे गए या घायल हुए हैं।"
यह बयान उन्होंने सीबीएस न्यूज़ के प्रोग्राम में दिया, जो सुमी शहर पर रूसी मिसाइल हमले से पहले रिकॉर्ड किया गया था। इस हमले में 34 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 2 बच्चे भी शामिल थे, और 117 लोग घायल हुए थे।
ज़ेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन-रूस युद्ध के समाधान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा हो रही है और ट्रंप जैसे वैश्विक नेता भविष्य की रणनीतियों को लेकर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि युद्ध की पीड़ा को समझने के लिए केवल कूटनीतिक बैठकों से नहीं, बल्कि जमीनी सच्चाई से रूबरू होना आवश्यक है।
ज़ेलेंस्की ने ट्रंप को यूक्रेन आने का दिया न्योता, युद्ध से पहले ज़मीनी हकीकत देखने की अपील
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूक्रेन यात्रा का न्योता दिया है। ज़ेलेंस्की ने आग्रह किया है कि रूस के साथ किसी भी तरह के समझौते या बातचीत से पहले ट्रंप को यूक्रेन आकर युद्ध की वास्तविकता को स्वयं देखना चाहिए।
ज़ेलेंस्की ने कहा,
"कृपया किसी भी फैसले या बातचीत से पहले यहां आइए। लोगों को देखिए, हमारी सेना को देखिए, हॉस्पिटल, चर्च, और उन बच्चों को देखिए जो मारे गए या घायल हुए हैं।"
यह बयान उन्होंने सीबीएस न्यूज़ के प्रोग्राम में दिया, जो सुमी शहर पर रूसी मिसाइल हमले से पहले रिकॉर्ड किया गया था। इस हमले में 34 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 2 बच्चे भी शामिल थे, और 117 लोग घायल हुए थे।
ज़ेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन-रूस युद्ध के समाधान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा हो रही है और ट्रंप जैसे वैश्विक नेता भविष्य की रणनीतियों को लेकर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि युद्ध की पीड़ा को समझने के लिए केवल कूटनीतिक बैठकों से नहीं, बल्कि जमीनी सच्चाई से रूबरू होना आवश्यक है।