मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने संभाला बिहार में मोर्चा, बहनों को दिलाया भरोसा, भविष्य में दो लाख तक मिलेंगे.
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश के सीएम डॉ.मोहन यादव ने भी मोर्चा संभाल रखा है। रविवार को सीएम यादव ने मधुबनी और पटना जिले में धुआंधार प्रचार किया। उन्होंने मधुबनी की फुलरास विधानसभा से चुनाव लड़ रहीं शीला कुमारी और पटना की फतुहा विधानसभा से मैदान में उतरीं रूपा कुमारी के लिए रोड शो कर जनता से समर्थन मांगा।
सीएम यादव ने बहनों से कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बहनों को दिए अभी 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं आगे यह राशि 2 लाख रुपए तक दी जाएगी। उन्होंने जनसभाओं में कहा कि कांग्रेस को प्रत्याशी ही नहीं उतारना चाहिए। क्योंकि, उसकी नजर केवल वोट पर है, जनहित पर नहीं। सीएम डॉ. यादव ने जनता से कहा कि जब कांग्रेसी घर आएं और कहें कि वे भी भगवान राम के भक्त हैं तो उनसे सवाल कीजिए। उनसे कहिए के वे मथुरा में भगवान कृष्ण के मंदिर का समर्थन करें।
परिवारवाद और राष्ट्रवाद के बीच लड़ाई
सीएम यादव ने कहा कि ये चुनाव परिवारवाद और राष्ट्रवाद के बीच लड़ाई है। आपका उत्साह बता रहा है कि जब चुनाव का रिजल्ट निकलेगा तो हमारी बहनें विजयी होंगी। आइए हम सब संकल्प करें कि जब तक एक-एक वोट हमारे पक्ष में नहीं पड़ जाए, तब तक शांति से नहीं बैठेंगे। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि पीएम मोदी माताओं-बहनों के लिए बहुत काम कर रहे हैं। 2029 के बाद संसद-विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने वाला है।
मधुबनी का नाम सुन मन प्रसन्न हो जाता है
सीएम यादव ने कहा कि मधुबनी नाम सुनकर ही मन प्रसन्न हो जाता है। यहां की मधुबनी पेंटिंग की बात ही अलग है। यहां का राजसी पाग सोने-चांदी के मुकुट को फीका कर देता है। चुनावी माहौल में आज यहां का वातावरण वैसा ही है, जैसा होना चाहिए। बड़ी संख्या में बहनें बैठी हैं। हमारी शीला बहन आपकी जांची परखी उम्मीदवार हैं। वे चूल्हा-चौके से लेकर मंत्रालय तक संभालती हैं। भारतीय माताओं-बहनों को जो काम दो, वो बहुत अच्छे से करती हैं।
कर्पूरी ठाकुर का सम्मान एनडीए ने किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ये कर्पूरी ठाकुर की धरती है। उनका भारत रत्न से सम्मान किसी ने किया, तो वो एनडीए है। हमारे नायक ने छोटे से छोटे आदमी को भी लोकतंत्र के साथ खड़ा करके आगे किया। बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ता है कि कांग्रेस केवल वोट मांगती है। लेकिन, जब कभी भी भारत रत्न का मौका आया, तो अपने खानदान के अलावा उसे कुछ और नहीं दिखता। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी फिर राजीव गांधी को भारत रत्न दिया। सारे भारत रत्न घर में ही ले आए। जबकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग्य लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार का आदमी जो भी अच्छा काम करता है उसे आगे बढ़ना चाहिए। ये केवल एनडीए वाले कर सकते हैं।