मेट्रो रुट को लेकर अपनी ही बात से पलटे मंत्री विजयवर्गीय, पहले एमजी रोड के अंडरग्राउंड रुट का किया था विरोध, अब कह रहे हैं एक गमला भी नहीं टूटेगा.
इंदौर। यह अपने शहर इंदौर की विडंबना ही रही है कि इसे नेताओं और अफसरों ने प्रयोगशाला बना रखा है। यह भी होता है कि जब कोई योजना आती है तो उसका पैसा लेने के लिए उल-जलूल डीपीआर बनाकर उसे मंजूर करा लिया जाता है। बीआरटीएस का उदाहरण सबके सामने है। अब मेट्रो के साथ भी ऐसा ही हो रहा है। पहले मेट्रो के अंडरग्राउंड रुट का विरोध करने वाले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अब कह रहे हैं कि यहां एक गमला भी नहीं टूटेगा।
सोमवार को इंदौर में हुई बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने मेट्रो का रुट खजराना क्षेत्र से करने का निर्णय लिया। मंत्री ने कहा कि रुट के बदलाव में जो लागत बढ़ेगी, उसकी भी व्यवस्था की जाएगी। रुट की प्लानिंग को लेकर पहले गलतियां हुई है। विजय नगर चौराहे पर ब्रिज नहीं बन सकता है। रेडिसन चौराहा पर भी ब्रिज बनाने की संभावना कम हो गई। उन्होंने कहा कि मेट्रो का स्टेशन मल्हारगंज में ही बनेगा, लेकिन किसी के निर्माण नहीं टूटेंगे। दिल्ली के चांदनी चौक की तर्ज पर विशेष तकनीक से इस काम को अंजाम दिया जाएगा।
मंत्री ने दावा किया कि उनके कारण लेट है प्रोजेक्ट
बैठक में मंत्री ने बड़ी ही शान से यह दावा किया कि उनके कारण ही यह प्रोजेक्ट लेट हुआ है, लेकिन यह नहीं बताया कि जब प्लानिंग हो रही थी तब कहां थे। जब एमआर 10 पर मेट्रो के पिलर तन गए तब कहां थे। सरकार तो आपकी ही थी। भले ही आपकी किसी भी सीएम से नहीं बनी हो, लेकिन आज जैसी टांग तो पहले भी फंसा सकते थे।
एमजी रोड के मामले में अपनी ही बात से पलटे
बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने यह भी बताया कि एमजी रोड पर मेट्रो अंडरग्राउंड ही चलेगी, जबकि पहले वे इसका जोरदार विरोध कर चुके हैं। इसी साल अप्रैल में मंत्री ने एमजी रोड पर प्रस्तावित अंडर ग्राउंड मेट्रो लाइन को लेकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि एमजी रोड पर हम मेट्रो अंडर ग्राउंड नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि यदि मेट्रो लाइन अंडर ग्राउंड डाली जाएगी तो एमजी रोड खराब हो जाएगी। आज की बैठक में मंत्रीजी ने कहा कि एमजी रोड पर अंडरग्राउंड ही मेट्रो चलेगी।
अब खजराना क्षेत्र से ही अंडरग्राउंड होगी मेट्रो
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों ने मेट्रो ट्रेन का रूट खजराना क्षेत्र से ही अंडरग्राउंड करने का निर्णय लिया है। पहले की डिजाइन में मेट्रो को हाईकोर्ट के समीप नाथ मंदिर रोड से बड़ा गणपति तक अंडरग्राउंड करने का फैसला लिया गया था। मंत्री ने कहा कि मेट्रो का मल्हारगंज स्टेशन बनेगा लेकिन यहां एक भी मकान-दुकान को नुकसान नहीं होगा। इसमें नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से जैसे चांदनी चौक में मशीन का उपयोग किया गया है, वैसे वहां एक मशीन जाएगी और मशीन गड्ढा करेगी।वहां के लोगों की मीटिंग लेकर समझाएंगे कि मेट्रो वालों को काम करने दो। यहां एक गमला भी नहीं टूटेगा। जहां जो जैसा है, वहां वैसा ही रहेगा।
जब पिलर तन रहे थे तो क्या वनवास पर थे
मंत्री विजयवर्गीय ने इस बैठक में माना कि पिछली गलतियां हुई हैं, जैसे विजय नगर चौराहा एकदम खराब हो गया है। वहां पर ओवरब्रिज बनाने की संभावना बहुत कम हो गई है या फिर बहुत लंबा ओवर ब्रिज बनाना पड़ेगा जो बेतरतीब हो जाएगा। रेडिसन चौराहा भी खराब हो गया है। लवकुश चौराहा पर तो जैसे ब्रिज का जाल हो गया है। हमें शहर की सुंदरता का भी ध्यान रखना है, सुविधा का भी। अब लोग यह सवाल कर रहे हैं कि जब मेट्रो की प्लानिंग बन रही थी और एमआर 10 पिलर तन रहे थे तो क्या मंत्रीजी वनवास पर थे। आज की बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ विभाग के एसीएस संजय दुबे भी मौजूद थे।