मोदीजी-शाहजी, आंखों में आँसू भर कर देश पूछ रहा है सवाल…आखिर कैसे फेल हो गया आपका इंटेलिजेंस सिस्टम?.
कल जम्मू-कश्मीर में जो कुछ भी हुआ वह मानवता को शर्मसार करने के साथ ही पूरे देश के इंटेलिजेंस सिस्टम पर भी सवाल खड़े कर रहा है। आखिर कैसे आतंकवादी पर्यटकों को आसानी से निशाना बनाकर चले गए। और तो और यह भी चुनौती दे गए कि जाकर मोदी से कह दो।
आतंकियों ने धर्म पूछ-पूछ कर गोली मारी। बच्चों के सामने उनके पिताओं को, पत्नियों के सामने उनके पतियों को मारा। एक महिला के पति को मारकर उसे यह कहते हुए छोड़ दिया गया कि जाकर मोदी को बता देना। सोशल मीडिया पर रोती-विलखती और चीखती महिलाओं के वीडियो देख पूरा भारत दहल उठा है। आंतकवादियों ने यह पूरी दुनिया को बता दिया है कि वे आपको और आपके सुरक्षा तंत्र को कुछ नहीं समझते।
अब तक आतंकवादियों के निशाने पर पर्यटक कम ही रहे हैं, इक्का-दुक्का हमले होते रहे हैं, लेकिन कल तो सीधे-सीधे पर्यटकों को ही निशाना बनाया गया। यह सीधे-सीधे जम्मू-कश्मीर को एक बार फिर से देश से अलग-थलग कर देने की साजिश है। पहले भी पर्यटक डर के मारे नहीं जाते थे और कल के हमले के बाद भला कौन हिम्मत करेगा?
यहां बड़ा सवाल आपके इंटेलिजेंस सिस्टम पर भी खड़ा हुआ है। आखिर कैसे आपके सुरक्षा तंत्र को फेल करते हुए आतंकवादियों ने इतनी बड़ी प्लानिंग बनाई और उसमें सफल भी हो गए। अगर यही हाल रहा तो देश फिर से 26/11 और संसद पर हमले के लिए तैयार रहे।
देश इस आतंकवादी हमले का जवाब पुलवामा जैसा ही मांग रहा है। 56 इंच के सीना वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से देश की यही मांग है कि अब सीना दिखा दिया जाए। आतंकवादियों के इस दुस्साहस का ऐसा जवाब देना होगा कि वे दोबारा कश्मीर में घुसने की हिम्मत नहीं करें।
अगर भारत सरकार यह चाहती है कि कश्मीर धरती का जन्नत बना रहे तो इस पर आंख उठाने वालों को जहन्नुम पहुंचाना होगा।
पाकिस्तान तो कह ही रहा है कि कश्मीर उसके गले की नस है तो यही नस दबाने का यही सही वक्त है…मोदीजी-शाहजी पूरे देश की आंखों में आंसू हैं…यह तब तक नहीं सूखेंगे जब तक बदला न ले लिया जाए…