उपराष्ट्रपति चुनाव आज: एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का पलड़ा भारी
देश के 17वें उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए आज मतदान होगा। मतदान संसद भवन में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा, जबकि मतगणना शाम 6 बजे से शुरू होगी और नतीजे शाम तक घोषित कर दिए जाएंगे।

उम्मीदवार और मुकाबला
- एनडीए उम्मीदवार: महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन
- विपक्षी उम्मीदवार: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी
चुनाव से पहले राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्री राम मंदिर में पूजा-अर्चना की।
समीकरण और समर्थन
- बीजद ने राजग और विपक्ष दोनों से दूरी रखते हुए मतदान से अलग रहने का फैसला किया है। इससे जीत के लिए आवश्यक मतों की संख्या 391 से घटकर 387 हो गई है।
- बीआरएस ने भी चुनाव से दूरी बनाने का संकेत दिया है।
- शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने भी मतदान में हिस्सा नहीं लेने का ऐलान किया है।
इन फैसलों से राजग की स्थिति और मजबूत हो गई है। भाजपा का दावा है कि भाजपा और कांग्रेस से समान दूरी बनाने वाले 48 सांसदों में से ज्यादातर का समर्थन उसे मिलेगा। साथ ही तीन निर्दलीय सांसदों और छोटे दलों के वोट भी साधे जा रहे हैं।
विपक्ष की रणनीति
विपक्ष इस चुनाव को एकजुटता दिखाने का मौका मान रहा है। उसे एआईएमआईएम, आजाद समाज पार्टी और चार निर्दलीय सांसदों का समर्थन मिला है। विपक्ष की रणनीति है कि संविधान बचाओ और अंतरात्मा की आवाज के आह्वान से राजग खेमे में सेंध लगाई जाए।
पृष्ठभूमि
यह चुनाव मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफ़े के बाद हो रहा है। राजग की कोशिश जीत का अंतर बड़ा करने पर है, जबकि विपक्ष इस चुनाव को अपने गठबंधन की मजबूती के तौर पर दिखाना चाहता है।
उपराष्ट्रपति चुनाव आज: एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का पलड़ा भारी
देश के 17वें उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए आज मतदान होगा। मतदान संसद भवन में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा, जबकि मतगणना शाम 6 बजे से शुरू होगी और नतीजे शाम तक घोषित कर दिए जाएंगे।
उम्मीदवार और मुकाबला
एनडीए उम्मीदवार: महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन
विपक्षी उम्मीदवार: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी
चुनाव से पहले राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्री राम मंदिर में पूजा-अर्चना की।
समीकरण और समर्थन
बीजद ने राजग और विपक्ष दोनों से दूरी रखते हुए मतदान से अलग रहने का फैसला किया है। इससे जीत के लिए आवश्यक मतों की संख्या 391 से घटकर 387 हो गई है।
बीआरएस ने भी चुनाव से दूरी बनाने का संकेत दिया है।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने भी मतदान में हिस्सा नहीं लेने का ऐलान किया है।
इन फैसलों से राजग की स्थिति और मजबूत हो गई है। भाजपा का दावा है कि भाजपा और कांग्रेस से समान दूरी बनाने वाले 48 सांसदों में से ज्यादातर का समर्थन उसे मिलेगा। साथ ही तीन निर्दलीय सांसदों और छोटे दलों के वोट भी साधे जा रहे हैं।
विपक्ष की रणनीति
विपक्ष इस चुनाव को एकजुटता दिखाने का मौका मान रहा है। उसे एआईएमआईएम, आजाद समाज पार्टी और चार निर्दलीय सांसदों का समर्थन मिला है। विपक्ष की रणनीति है कि संविधान बचाओ और अंतरात्मा की आवाज के आह्वान से राजग खेमे में सेंध लगाई जाए।
पृष्ठभूमि
यह चुनाव मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफ़े के बाद हो रहा है। राजग की कोशिश जीत का अंतर बड़ा करने पर है, जबकि विपक्ष इस चुनाव को अपने गठबंधन की मजबूती के तौर पर दिखाना चाहता है।