परिवार छोड़ने के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का छलका दर्द-मैं गंदी हूं मैंने पिता को गंदी किडनी लगवा दी.
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने परिवार छोड़ने की घोषणा की थी। रोहिणी ने दावा किया कि उन्हें गंदी-गंदी गालियां दी गईं और उनके पिता को दी गई किडनी को गंदी किडनी कहकर अपमानित किया गया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि उन पर ये भी आरोप लगाया गया कि टिकट के बदले उन्होंने करोड़ों रुपये लेकर किडनी लगवाई।
रोहिणी ने अपने पोस्ट में लिखा-कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूँ और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी। करोड़ों रूपए लिए, टिकट लिया तब लगवाई गंदी किडनी। सभी बेटी-बहन जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा-भाई हो तो भूल कर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं। अपने भाई, उस घर के बेटे को ही बोले कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे।
उन्होंने आगे लिखा कि सभी बहन-बेटियां अपना घर परिवार देखें। अपने माता-पिता की परवाह किए बिना अपने बच्चे, अपना काम, अपना ससुराल देखें। सिर्फ अपने बारे में सोचें। मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनो बच्चों को नहीं देखा। किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली। अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया जिसे आज गंदा बता दिया गया। आप सब मेरे जैसी गलती कभी ना करे किसी घर रोहिणी जैसी बेटी ना हो।
राजनीति छोड़ने की कही थी बात
शनिवार को रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा कि वह राजनीति छोड़ रही हैं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हैं। यह पोस्ट वायरल हो गया और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। उनका कहना था कि चुनावी हार की वजह पूछने पर उन्हें पीटने के लिए चप्पल तक उठाई गई। रोहिणी ने एक्स पर लिखा कि कल एक बेटी, एक बहन, एक शादीशुदा महिला, एक माँ को जलील किया गया, गंदी गालियाँ दी गयीं, मारने के लिए चप्पल उठाया गया। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया। सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पड़ी। कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए माँ - बाप बहनों को छोड़ आई। मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया।