क्या कोरोना वाकई खत्म हो गया? ICMR और AIIMS की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा!.
क्या कोरोना वाकई खत्म हो गया? ICMR और AIIMS की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा!
दुनिया भर में कोरोना वायरस के मामले अब काफी कम हो चुके हैं और इसकी चर्चा भी पहले जैसी नहीं रही। लेकिन सवाल उठता है — क्या कोरोना का खतरा वाकई खत्म हो गया है?
हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और एम्स भोपाल ने अपनी रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस भले ही दिखाई न दे रहा हो, मगर यह अब भी हमारे आसपास मौजूद है और कभी भी नई मुसीबत खड़ी कर सकता है।

सीवेज में मिला कोरोना वायरस का अंश
ICMR और AIIMS भोपाल के शोधकर्ताओं ने सीवेज और मल के सैंपल की जांच की, जिसमें कोरोना वायरस के अंश पाए गए।
चौंकाने वाली बात: ये वायरस लंबे समय तक एक्टिव रह सकते हैं और संक्रमण फैला सकते हैं।
सीवेज के जरिए संक्रमण का खतरा
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गंदे पानी के संपर्क में आने से वायरस फिर से संचार कर सकता है। इसका मतलब है कि वायरस म्यूटेट होकर किसी नए वैरिएंट के रूप में वापसी कर सकता है।
म्यूटेशन का खतरा बरकरार
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि RNA वायरस जैसे कि कोरोना लगातार म्यूटेट होते रहते हैं।
नतीजा: नए वैरिएंट्स का खतरा हमेशा बना रहता है।
हर्ड इम्युनिटी और वैक्सीन का असर
हालांकि वैक्सीन और हर्ड इम्युनिटी के चलते वायरस का प्रभाव कम हुआ है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम सावधानी छोड़ दें।
ICMR का नया निगरानी सिस्टम
ICMR अब एक ऐसा सिस्टम बना रहा है, जो संक्रमण के संकेत पहले ही दे सके।
कई देशों में इस तरह की तकनीक पहले से ही लागू है, जिससे संक्रामक बीमारियों की निगरानी की जाती है।
सावधानी बरतना अब भी जरूरी
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स्वच्छता का ध्यान रखें
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भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनें
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साबुन और सैनिटाइजर का उपयोग करें
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टीकाकरण कराना न भूलें
निष्कर्ष
कोरोना वायरस भले ही कमज़ोर पड़ गया हो, लेकिन उसका खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। इसलिए सतर्क रहना और सावधानी बरतना ही हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
क्या कोरोना वाकई खत्म हो गया? ICMR और AIIMS की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा!
दुनिया भर में कोरोना वायरस के मामले अब काफी कम हो चुके हैं और इसकी चर्चा भी पहले जैसी नहीं रही। लेकिन सवाल उठता है — क्या कोरोना का खतरा वाकई खत्म हो गया है?
हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और एम्स भोपाल ने अपनी रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस भले ही दिखाई न दे रहा हो, मगर यह अब भी हमारे आसपास मौजूद है और कभी भी नई मुसीबत खड़ी कर सकता है।
सीवेज में मिला कोरोना वायरस का अंश
ICMR और AIIMS भोपाल के शोधकर्ताओं ने सीवेज और मल के सैंपल की जांच की, जिसमें कोरोना वायरस के अंश पाए गए।
चौंकाने वाली बात: ये वायरस लंबे समय तक एक्टिव रह सकते हैं और संक्रमण फैला सकते हैं।
सीवेज के जरिए संक्रमण का खतरा
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गंदे पानी के संपर्क में आने से वायरस फिर से संचार कर सकता है। इसका मतलब है कि वायरस म्यूटेट होकर किसी नए वैरिएंट के रूप में वापसी कर सकता है।
म्यूटेशन का खतरा बरकरार
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि RNA वायरस जैसे कि कोरोना लगातार म्यूटेट होते रहते हैं।
नतीजा: नए वैरिएंट्स का खतरा हमेशा बना रहता है।
हर्ड इम्युनिटी और वैक्सीन का असर
हालांकि वैक्सीन और हर्ड इम्युनिटी के चलते वायरस का प्रभाव कम हुआ है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम सावधानी छोड़ दें।
ICMR का नया निगरानी सिस्टम
ICMR अब एक ऐसा सिस्टम बना रहा है, जो संक्रमण के संकेत पहले ही दे सके।
कई देशों में इस तरह की तकनीक पहले से ही लागू है, जिससे संक्रामक बीमारियों की निगरानी की जाती है।
सावधानी बरतना अब भी जरूरी
स्वच्छता का ध्यान रखें
भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनें
साबुन और सैनिटाइजर का उपयोग करें
टीकाकरण कराना न भूलें
निष्कर्ष
कोरोना वायरस भले ही कमज़ोर पड़ गया हो, लेकिन उसका खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। इसलिए सतर्क रहना और सावधानी बरतना ही हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है।