पाकिस्तान ;खानपुर डैम में जल संकट गहराया: सिर्फ 35 दिन का पानी शेष, इस्लामाबाद और पंजाब पर खतरा
पाकिस्तान में स्थित खानपुर डैम का जलस्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया है। मौजूदा हालात ऐसे हैं कि डैम में अब सिर्फ 35 दिनों की पानी की आपूर्ति शेष रह गई है। यदि आगामी दिनों में बारिश नहीं होती, तो इस संकट का प्रभाव इस्लामाबाद, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा की पेयजल आपूर्ति पर भारी पड़ेगा।

जलस्तर में भारी गिरावट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, डैम में मंगलवार को जलस्तर 1,935 फीट रिकॉर्ड किया गया, जबकि इसका डेड लेवल 1,910 फीट है। पानी की आवक मात्र 82 क्यूसेक रह गई है, जबकि प्रतिदिन 235 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। यह असंतुलन डैम को तेजी से सूखने की दिशा में ले जा रहा है।
कैचमेंट एरिया में बारिश का अभाव
डैम के कैचमेंट एरिया — मारगल्ला हिल्स और गालियात — में बारिश न होने के कारण हालात और भी खराब हो गए हैं। अब डैम के मुख्य भंडारण क्षेत्र और स्पिलवे के आसपास चट्टानें और मिट्टी के टीले दिखाई देने लगे हैं, जो जल स्तर में आई भारी गिरावट और जलवायु परिवर्तन के खतरनाक प्रभावों को दर्शाते हैं।
जल वितरण और संभावित कटौती
वर्तमान में डैम से पानी की आपूर्ति इस प्रकार की जा रही है:
- 90 क्यूसेक पानी इस्लामाबाद की कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA) को
- 6.18 क्यूसेक टैक्सिला की यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों को
- 48 क्यूसेक खैबर पख्तूनख्वा को
- 42 क्यूसेक पंजाब के खेतों के लिए
हालांकि जलस्तर तेजी से घटने के कारण अधिकारियों ने योजना बनाई है कि अगले सप्ताह से पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा को सिंचाई के लिए पानी देना बंद कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पेयजल की आपूर्ति में भी कटौती की जा सकती है।
जलवायु संकट और प्रशासन की चिंता
जल संकट के इस भयावह रूप ने पाकिस्तान प्रशासन की चिंताओं को बढ़ा दिया है। यदि आगामी 10-15 दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो डैम का जल स्तर डेड लेवल के बेहद करीब पहुंच जाएगा, जिससे इस्लामाबाद और आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर पेयजल की किल्लत हो सकती है।
पाकिस्तान ;खानपुर डैम में जल संकट गहराया: सिर्फ 35 दिन का पानी शेष, इस्लामाबाद और पंजाब पर खतरा
पाकिस्तान में स्थित खानपुर डैम का जलस्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया है। मौजूदा हालात ऐसे हैं कि डैम में अब सिर्फ 35 दिनों की पानी की आपूर्ति शेष रह गई है। यदि आगामी दिनों में बारिश नहीं होती, तो इस संकट का प्रभाव इस्लामाबाद, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा की पेयजल आपूर्ति पर भारी पड़ेगा।
जलस्तर में भारी गिरावट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, डैम में मंगलवार को जलस्तर 1,935 फीट रिकॉर्ड किया गया, जबकि इसका डेड लेवल 1,910 फीट है। पानी की आवक मात्र 82 क्यूसेक रह गई है, जबकि प्रतिदिन 235 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। यह असंतुलन डैम को तेजी से सूखने की दिशा में ले जा रहा है।
कैचमेंट एरिया में बारिश का अभाव
डैम के कैचमेंट एरिया — मारगल्ला हिल्स और गालियात — में बारिश न होने के कारण हालात और भी खराब हो गए हैं। अब डैम के मुख्य भंडारण क्षेत्र और स्पिलवे के आसपास चट्टानें और मिट्टी के टीले दिखाई देने लगे हैं, जो जल स्तर में आई भारी गिरावट और जलवायु परिवर्तन के खतरनाक प्रभावों को दर्शाते हैं।
जल वितरण और संभावित कटौती
वर्तमान में डैम से पानी की आपूर्ति इस प्रकार की जा रही है:
90 क्यूसेक पानी इस्लामाबाद की कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA) को
6.18 क्यूसेक टैक्सिला की यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों को
48 क्यूसेक खैबर पख्तूनख्वा को
42 क्यूसेक पंजाब के खेतों के लिए
हालांकि जलस्तर तेजी से घटने के कारण अधिकारियों ने योजना बनाई है कि अगले सप्ताह से पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा को सिंचाई के लिए पानी देना बंद कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पेयजल की आपूर्ति में भी कटौती की जा सकती है।
जलवायु संकट और प्रशासन की चिंता
जल संकट के इस भयावह रूप ने पाकिस्तान प्रशासन की चिंताओं को बढ़ा दिया है। यदि आगामी 10-15 दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो डैम का जल स्तर डेड लेवल के बेहद करीब पहुंच जाएगा, जिससे इस्लामाबाद और आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर पेयजल की किल्लत हो सकती है।