असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा दावा: "राज्य का एक सांसद 15 दिन पाकिस्तान में रहा, देश के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्त".
असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा दावा: "राज्य का एक सांसद 15 दिन पाकिस्तान में रहा, देश के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्त"
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि राज्य का एक सांसद बिना भारत सरकार को सूचित किए 15 दिनों तक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में रुका था। सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोला।

गंभीर आरोप और पाकिस्तान कनेक्शन
सीएम सरमा ने कहा कि असम सरकार के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि वह सांसद पाकिस्तान के दूतावास से भी संपर्क में था। उन्होंने कहा, "30 सितंबर तक राज्य की जनता सबूतों के साथ देखेगी कि कैसे एक गौरवशाली पिता का बेटा देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त हो गया।"
नमाज और आईएसआई से संबंधों पर निशाना
सरमा ने यह भी कहा कि उन्होंने यह भी पाया है कि वह वहीं (इस्लामाबाद) नमाज पढ़ना सीखा। उन्होंने गोगोई की रमज़ान और ईद के दौरान नमाज अदा करते हुए तस्वीरों और वीडियो का हवाला देते हुए तंज कसा कि, "पाकिस्तान हमारा बड़ा दुश्मन है, लेकिन देश में रहकर पाकिस्तान की तारीफ करने वाले उससे भी बड़े दुश्मन हैं।"
सीधे आरोप गोगोई की पत्नी पर
मुख्यमंत्री पहले भी कांग्रेस सांसद की पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से कथित संबंधों को लेकर आरोप लगा चुके हैं। अब उन्होंने दावा किया कि एलिज़ाबेथ का संबंध पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से है, जो भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है।
आने वाले समय में और खुलासों का वादा
सरमा ने कहा कि सितंबर तक इस पूरे मामले से जुड़े कई 'विस्फोटक सबूत' जनता के सामने रखे जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे को असम विधानसभा में पहले ही उठाया जा चुका है, और यह बहुत जल्द पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगा।
इंटरपोल से जांच की संभावना
सीएम ने यह भी संकेत दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार इंटरपोल जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से जांच कर सकती है।
यह मामला अब राज्य से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में गर्मा सकता है, क्योंकि विपक्ष इस पर कड़ा विरोध दर्ज करा सकता है जबकि सरकार इस मुद्दे को सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर बता रही है।
असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा दावा: "राज्य का एक सांसद 15 दिन पाकिस्तान में रहा, देश के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्त"
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि राज्य का एक सांसद बिना भारत सरकार को सूचित किए 15 दिनों तक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में रुका था। सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोला।
गंभीर आरोप और पाकिस्तान कनेक्शन
सीएम सरमा ने कहा कि असम सरकार के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि वह सांसद पाकिस्तान के दूतावास से भी संपर्क में था। उन्होंने कहा, "30 सितंबर तक राज्य की जनता सबूतों के साथ देखेगी कि कैसे एक गौरवशाली पिता का बेटा देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त हो गया।"
नमाज और आईएसआई से संबंधों पर निशाना
सरमा ने यह भी कहा कि उन्होंने यह भी पाया है कि वह वहीं (इस्लामाबाद) नमाज पढ़ना सीखा। उन्होंने गोगोई की रमज़ान और ईद के दौरान नमाज अदा करते हुए तस्वीरों और वीडियो का हवाला देते हुए तंज कसा कि, "पाकिस्तान हमारा बड़ा दुश्मन है, लेकिन देश में रहकर पाकिस्तान की तारीफ करने वाले उससे भी बड़े दुश्मन हैं।"
सीधे आरोप गोगोई की पत्नी पर
मुख्यमंत्री पहले भी कांग्रेस सांसद की पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से कथित संबंधों को लेकर आरोप लगा चुके हैं। अब उन्होंने दावा किया कि एलिज़ाबेथ का संबंध पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से है, जो भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है।
आने वाले समय में और खुलासों का वादा
सरमा ने कहा कि सितंबर तक इस पूरे मामले से जुड़े कई 'विस्फोटक सबूत' जनता के सामने रखे जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे को असम विधानसभा में पहले ही उठाया जा चुका है, और यह बहुत जल्द पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगा।
इंटरपोल से जांच की संभावना
सीएम ने यह भी संकेत दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार इंटरपोल जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से जांच कर सकती है।
यह मामला अब राज्य से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में गर्मा सकता है, क्योंकि विपक्ष इस पर कड़ा विरोध दर्ज करा सकता है जबकि सरकार इस मुद्दे को सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर बता रही है।