शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने पुतिन के दौरे को लेकर सरकार पर साधा निशाना, भोज में विपक्षी नेताओं के नहीं बुलाने पर उठाए सवाल.
मुंबई। शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने विदेश नीति पर पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राउत ने सामना के अपने कॉलम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर कई सवला खड़े किए हैं। राउत ने लिखा-भाजपा कार्यकर्ताओं ने पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आरती उतारी थी और अब पुतिन की आरती उतारते नजर आए।
राउत ने लिखा कि रूस कभी भारत का सबसे भरोसेमंद दोस्त रहा है, लेकिन मौजूदा हालात में रूस ज्यादा चीन के करीब नजर आता है। अमेरिका और रूस दोनों ही भारत को अपना सामान बेचने में रुचि रखते हैं। कोई हथियार, तो कोई तेल। कमजोर अर्थव्यवस्था के कारण भारत का शोषण हो रहा है। राउत ने लिखा कि 4 दिसंबर को पुतिन के दिल्ली आगमन के दौरान पूरी राजधानी की सड़कें बंद कर दी गईं। पहले से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की आवाजाही की वजह दिल्ली में जाम आम बात है, ऐसे में पुतिन के दौरे ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। उन्होंने कहा कि शाह कृष्णा मेनन रोड और आसपास की सड़कों के बंद होने से लोगों को भारी दिक्कत हुई। राउत ने लिखा कि पुतिन के स्वागत के लिए राष्ट्रपति भवन में तंबूवालों से कालीन किराए पर लेने पड़े। क्या राष्ट्रपति भवन में इतने बड़े विदेशी मेहमान के स्वागत के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उन्होंने इसे देश की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पुतिन के सम्मान में आयोजित भोज में विपक्षी नेताओं को नहीं बुलाया गया। राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि पहले विदेशी मेहमान विपक्षी नेताओं से भी मिलते थे, लेकिन मोदी सरकार में यह परंपरा खत्म कर दी गई।