मनरेगा का नाम बदलने पर भड़के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम, कहा-महात्मा गांधी का नाम मिटाना चाहती है केंद्र सरकार.
नई दिल्ली। केंद्र सरकार मनरेगा का नाम बदल रही है। इसके लिए विकसित भारत जी राम जी बिल लाया गया है। कांग्रेस इसका जमकर विरोध कर रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलना राष्ट्रपिता की दूसरी हत्या के समान है।
एक इंटरव्यू में पी चिदंबरम ने कहा कि कई सालों तक जवाहरलाल नेहरू को बदनाम करने के बाद अब वे महात्मा गांधी को निशाना बना रहे हैं। केंद्र सरकार चाहती है कि बच्चों को महात्मा गांधी के बारे में पता नहीं होना चाहिए। वे भारत की जनता की स्मृति से महात्मा गांधी का नाम मिटा देना चाहते हैं। ओडिशा के कोरापुट से कांग्रेस सांसद और ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष सप्तगिरि शंकर उलाका ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर इस पर गहन विचार-विमर्श के लिए संबंधित स्थायी समिति के पास भेजने का आग्रह किया। उलाका ने कहा है कि यह विधेयक अधिकारों पर आधारित हकदारी को बदलकर वैधानिक गारंटियों की प्रकृति को मौलिक रूप से बदल रहा है। इससे संवैधानिक औचित्य, न्यायोचित अधिकारों के कमजोर होने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के संबंध में गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं।