भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर संजय राउत का केंद्र सरकार पर निशाना, सामना में लिखा- इस राष्ट्रविरोधी समझौते का कोई भी देशभक्त समर्थन नहीं करेगा.
मुंबई। शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। सामना में अपने लेख में उन्होंने इसे राष्ट्रद्रोह करार देते हुए इसे भारत की संप्रभुता और आत्मसम्मान पर हमला बताया है। 15 अगस्त 1947 की ऐतिहासिक रात को पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा किए गए 'नियति से समझौते' का जिक्र करते हुए राऊत ने कहा कि जिस संकल्प के साथ भारत ने आजादी पाई थी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे तोड़ दिया है।
संजय राउत ने कहा कि मोदी ने अमेरिका के साथ चार महीने से अटके व्यापार समझौते को जल्दबाजी और हड़बड़ी में निपटा दिया। भारत के साथ समझौता होने की घोषणा सबसे पहले अमेरिका ने बड़ी खुशी से की। पाकिस्तान के साथ 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी राष्ट्रपति ट्रंप ने ही पहले ‘सीजफायर’ की घोषणा कर दी थी। अब व्यापार समझौते के मामले में भी ऐसा ही हुआ है। अमेरिका के प्रेसिडेंट ट्रंप और अमेरिकी कृषि मंत्री ने बताया कि इस समझौते से उनके देश को वैसे लाभ हुआ। क्या प्रधानमंत्री मोदी यह बता सकते हैं कि यह समझौता उनके लिए लाभकारी है? हमें संक्षेप में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की खामियों को समझना चाहिए।
संजय राउत ने कहा कि इस ट्रेड डील से भारत पर टैरिफ 50 प्रतिशत से 18 प्रतिशत हो गया है, इसे जीत बताया गया जो कि गलत है। अब तक अमेरिका भारत पर औसतन 3 फीसद से कम टैरिफ लगाता रहा है। अब अमेरिका भारतीय एक्सपोर्ट पर 18 फीसदी टैरिफ लगाएगा। भारत अमेरिका से आयात होने वाले सामानों पर ‘शून्य’ टैरिफ लगाएगा। अब तक भारत अमेरिकी सामानों पर 30 से 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाता था। यह अब भारत के लिए घाटे का सौदा बन गया है।