मंत्रीजी, अगर फितरत नहीं करते तो आज मंच से सफाई भी नहीं देने पड़ती, सबको पता है गौरव रणदिवे और निशांत खरे के साथ क्या हुआ था?.
इंदौर। मध्यप्रदेश के बड़बोले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भाजपा के एक कार्यक्रम में नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और उपाध्यक्ष डॉ.निशांत खरे को लेकर सफाई दी है। विजयवर्गीय ने कहा कि उन पर गौरव के विरोध का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि उन्होंने हमेशा उसका साथ दिया है।
मेरा सौभाग्य है कि राजनीति में जब-जब मुझे अवसर मिला है गौरव को आगे बढ़ाने का काम किया है। गौरव जब महामंत्री बन गए तो सोशल मीडिया पर चल रहा है कि मंत्री के विरोध के बाद भी…तो एक बात सब लोग ध्यान रखें मैं जो पौधा लगाता हूं, उसको कभी काटता नहीं हूं। जो मुझे अच्छा नहीं लगता उसके लिए बोल देता हूं। मैंनै गौरव को कई बार बोला है। मंत्रीजी ने कहा कि मुझे यह बात पहले से ही पता थी कि निशांतजी महामंत्री बनने वाले हैं और गौरव उपाध्यक्ष, लेकिन गौरव महामंत्री बन गए और निशांतजी उपाध्यक्ष। चूंकि संगठन की मर्यादा है। मैं राष्ट्रीय महामंत्री रहा हूं तो कौन सी बात कहां कहनी है यह मुझे पता है। दोनों हमारे जिम्मेदार कार्यकर्ता हैं।
आखिर क्यों देनी पड़ रही सफाई
भाजपा में चर्चा है कि आखिर मंत्रीजी को इस मामले में सार्वजनिक मंच से क्यों सफाई देनी पड़ी। अगर सोशल मीडिया पर चर्चा चल भी रही हो तो भी इतने बड़े मंत्री को इसे इग्नोर करना था। लेकिन, मंत्रीजी को दरअसल यह कहना था कि गौरव को राजनीति में मौका उन्होंने ही दिया और वह यह बात कह गए। जहां तक पौधा नहीं काटने की बात है, भाजपा में हर किसी को पता है कि कौन सा पौधा, मंत्रीजी ने कब-कब काटा है।
उमाशशि शर्मा को लोग भूले नहीं हैं
मंत्रीजी, डॉ.उमाशशि शर्मा को लोग भूले नहीं हैं। आपने दावा किया था कि उन्हें महापौर का टिकट दिलवाया है। उमाशशि शर्मा ने भी कभी इससे इनकार नहीं किया, लेकिन आपने बाद में अपने इस पौधे के साथ क्या किया सबको पता है। आपने अपने समर्थक महापौर परिषद के सदस्यों और पार्षदों से उमाशशि शर्मा का किस तरह विरोध कराया, यह भी लोगों को याद है। आपके ही समर्थक महापौर परिषद के सदस्य, महापौर परिषद की चल रही बैठक में कांच की टेबल पर लात मार कर आ गए थे। ऐसे अनेक पौधे हैं, जिनको आपने काटा ही नहीं जड़ से उखाड़ने की कोशिश की। अब यह बात अलग है कि उनमें से कई आज भी पनप गए और कई वृक्ष भी बन गए।
गौरव का टिकट अपने आप ही कट गया?
भाजपा के लोगों को पता है कि गौरव रणदिवे का विधानसभा का टिकट कैसे कटा? इतना ही नहीं डॉ.निशांत खरे के महापौर का टिकट कैसे कटा, यह भी लोगों को पता है? लोग यह भी जानते हैं कि इंदौर की राजनीति में दिल्ली से दखल कौन दिलवाता है? इंदौर का वह कौन नेता है जो जिला अध्यक्षों के चयन में भी भोपाल से लेकर दिल्ली तक दौड़ लगा देता है।
मोघेजी के समय तो आप बन गए थे शोले के ठाकुर
इंदौर के लोग और भाजपा नेता यह नहीं भूले हैं कि आपने भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे के साथ क्या किया था? लोगों को याद है जब नगर निगम के कार्यक्रम में ही आपने कहा था कि ठाकुर के हाथ कट गए हैं…। और इसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई दी थी। मोघेजी इतने त्रस्त हो गए थे कि सुमित्रा महाजन के साथ दिल्ली में तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के दरबार में गुहार लेकर पहुंच गए थे। मंत्रीजी, आपके ही दल के नेता कह रहे हैं कि अब भी वक्त है, फितरत से बाज आएं। सफाई भी नहीं देनी पड़ेगी।