नेताओं की हैप्पी दीपावली : दादा दयालु के मक्खन बड़े, एकलव्य की पूड़ी-रामभाजी, मनोज-गौरव की बेसन की चक्की, सावन के गजक ने बांटा प्यार.
इंदौर। इस बार दीपावली पर नेताओं के दरबार भी सजे रहे। खास बात यह कि कई वरिष्ठ और गरिष्ठ नेताओं से ज्यादा उन नेताओं के यहां ज्यादा भीड़ रही, जिनसे कार्यकर्ता अधिक जुड़े हुए हैं। कार्यकर्ताओं के यहां उमड़ी भीड़ ही बता रही थी कि इन नेताओं की जमीनी पकड़ कितनी मजबूत है। इन सबके बीच कुछ नेता ऐसे भी रहे, जिनकी डेहरी पर जाना कार्यकर्ताओं ने उचित नहीं समझा।
चर्चा में दादा दयालु का नीला-कुर्ता पायजामा
विधानसभा दो के विधायक रमेश मेंदोला यानी दादा दयालु के वहां बिना दीपावली भी कार्यकर्ताओं की भीड़ रहती है। जाहिर है दीपावली पर तो जमावड़ा होना ही था। नीले कुर्ते-पायजामे में दादा जम रहे थे और कार्यकर्ताओं में इसकी खूब चर्चा भी रही। दादा के यहां पधारे कार्यकर्ताओं को मक्खन बड़े का स्वाद चखने को मिला।
एकलव्य ने खिलाई राम भाजी, मालिनी भाभी ने मिठाई
इंदौरी नेताओं में विधानसभा चार की विधायक मालिनी गौड़ के यहां भी दीपावली पर भारी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। एकलव्य सिंह गौड़ के पास तो युवा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। एकलव्य ने इन सबके लिए पूड़ी और रामभाजी की व्यवस्था कर रखी थी। इधर, मालिनी भाभी ने सबको मिठाई खिलाकर दीपावली की शुभकामना दी।
घर पर ही रहे नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा
भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा चूंकि पद पर हैं तो उनके यहां भीड़ तो जुटनी ही थी। इसके साथ ही उनके मिलनसार स्वभाव के कारण भी नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक का आना-जाना लगा रहा। मिश्रा ने कार्यकर्ताओं तक मैसेज पहुंचा दिया था कि वे घर पर ही हैं। कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद वे वरिष्ठ नेताओं से मिलने पहुंचे।
गौरव रणदिवे के यहां की भीड़ ने चौंकाया
पूर्व नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे के पास उमड़ी भीड़ यह बता रही थी कि उनकी जमीनी पकड़ आज भी मजबूत है। गौरव के यहां भी कार्यकर्ताओं को गुझिया और बेसन की चक्की का स्वाद चखने को मिला। गौरव ने मराठी व्यंजन भी खिलाए, जिसमें भाखरवड़ी प्रमुख रही।
पटेल और सोनकर ने भी तोड़ा रिकॉर्ड
देपालपुर के विधायक मनोज पटेल की अपने क्षेत्र में लोकप्रियता जबरदस्त है। इसके कारण उनके यहां भीड़ उमड़ना स्वाभाविक ही था। पटेल ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए बेसन की चक्की, गुझिया और नमकीन की व्यवस्था कर रखी थी। इससे इतर म.प्र. राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर के यहां उमड़ी भीड़ चर्चा का विषय रही। भाजपा में लोग कह रहे हैं कि सावन के यहां कार्यकर्ता ऐसे उमड़े, जैसे वे सांवेर से टिकट ले आए हों। सावन के यहां शीतल गजक खूब चली। हालत यह हो गई कि तीन-चार बार मिठाइयां बुलानी पड़ी।