मालेगांव बम ब्लास्ट के फैसले पर भाजपा खुश, विपक्षी दलों में निराशा, ओवैसी ने जांच पर उठाए सवाल, फडणवीस बोले-आतंकवाद कभी भगवा नहीं रहेगा.
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए बम ब्लास्ट के मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित सातों आरोपियों को बरी करने पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया आ रही है। भाजपा जहां इस फैसले से खुश है, वहीं विपक्षी दल इस फैसले को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दे रहा है।
ओवैसी ने जांच पर उठाए सवाल
एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मालेगांव ब्लास्ट मामले का फैसला निराशाजनक है। विस्फोट में छह नमाजी मारे गए और करीब 100 घायल हुए। उन्हें उनके धर्म की वजह से निशाना बनाया गया। जानबूझकर की गई खराब जांच/अभियोजन पक्ष ही बरी होने के लिए ज़िम्मेदार है। उन्होंने कहा कि विस्फोट के 17 साल बाद, अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। क्या मोदी और फडणवीस सरकारें इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगी, जिस तरह उन्होंने मुंबई ट्रेन विस्फोटों में आरोपियों को बरी करने पर रोक लगाने की मांग की थी?
शिवसेना यूबीटी सांसद ने कहा-न्याय नहीं मिला
शिवसेना यूबीटी सांसद अनिल देसाई ने कहा कि मालेगांव बम धमाके मामले में पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाया। जांच एजेंसियां जरूरी सबूत कोर्ट में पेश नहीं कर सकी जिस वजह से आरोपी बरी हो गए। मुझे लगता है कि जिन आरोपियों के खिलाफ कई साल तक कार्रवाई की गई उन्हें भी पीड़ा हो रही होगी कि जब उनके खिलाफ सबूत नहीं थे तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों हुई
शिवसेना सांसद ने कांग्रेस पर साधा निशाना
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि भगवा आतंकवाद का नेरेटिव कांग्रेस ने गढ़ा। देश पर सालों से पाकिस्तान के जरिए हमले होते आए। उनको छिपाने और एक तबके को खुश करने का काम वोट बैंक की और गंदी राजनीति के लिए भगवा आतंकवाद गढ़ने का काम कांग्रेस ने किया।
फडणवीस ने कहा-आतंकवाद कभी भगवा नहीं रहेगा
कोर्ट के फैसले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आतंकवाद न कभी भगवा था, ना है और न ही कभी रहेगा।
मुझे 17 साल तक अपमानित किया
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने मालेगांव बम धमाके मामले में बरी होने के बाद कहा कि उन्हें 17 साल तक अपमानित किया गया। उन्हें 13 दिनों तक प्रताड़ित किया गया। उन्होंने कोर्ट के प्रति सम्मान दिखाते हुए फैसले के दिन कोर्ट में मौजूदगी दर्ज कराई। साध्वी प्रज्ञा ने यह भी कहा कि उन्हें गलत तरीके से आरोपी बनाया गया, जिससे उनका जीवन बर्बाद हो गया और उन्हें अपने ही देश में आतंकवादी बना दिया गया।