चक्रवात ‘मोंथा’ ने मचाई तबाही: आंध्र, तेलंगाना और ओडिशा में भारी नुकसान, उत्तर भारत में भी असर
चक्रवात ‘मोंथा’ कमजोर पड़ने के बावजूद देश के कई राज्यों में भारी तबाही मचा रहा है। इसका सबसे अधिक प्रभाव आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में देखा गया, जबकि इसका असर उत्तर भारत तक पहुंच गया है।

आंध्र प्रदेश में सबसे अधिक नुकसान
आंध्र प्रदेश में तीन लोगों की मौत हुई और 1.5 लाख एकड़ फसलें बर्बाद हो गईं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार राज्य को करीब ₹5,265 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि यह प्रारंभिक आंकड़ा है और विस्तृत रिपोर्ट जल्द केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
तेलंगाना में भारी बारिश और बाढ़
तेलंगाना के वारंगल और हनमकोंडा जिलों में भारी बारिश से हालात बिगड़े हैं। करीब 2,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर भारत में चक्रवात का असर
मोंथा का असर मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार तक देखा जा रहा है।
- उत्तर प्रदेश: अयोध्या, लखनऊ, कानपुर और काशी सहित 15 शहरों में रुक-रुक कर बारिश हुई।
- बिहार: पटना, औरंगाबाद, बक्सर और भागलपुर में बारिश हुई। मौसम विभाग ने 25 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।
- राजस्थान: जयपुर, अलवर, करौली सहित कई जिलों में तेज बूंदाबांदी हुई। बीसलपुर बांध के गेट खोलकर बनास नदी में पानी छोड़ा गया।
- मध्य प्रदेश: भोपाल, इंदौर और उज्जैन में तेज हवाएं चलीं और कई जिलों में मध्यम बारिश दर्ज की गई।
अरब सागर में नया दबाव क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्व-मध्य अरब सागर में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय हुआ है, जो अगले 36 घंटे तक पश्चिम की ओर बढ़ेगा। चक्रवात ‘मोंथा’ ने भले ही अपनी तीव्रता खो दी हो, लेकिन इसका असर अब भी कई राज्यों में महसूस किया जा रहा है — फसलों के नुकसान, जनजीवन की कठिनाइयों और मौसम में बड़े बदलाव के रूप में।
चक्रवात ‘मोंथा’ ने मचाई तबाही: आंध्र, तेलंगाना और ओडिशा में भारी नुकसान, उत्तर भारत में भी असर
चक्रवात ‘मोंथा’ कमजोर पड़ने के बावजूद देश के कई राज्यों में भारी तबाही मचा रहा है। इसका सबसे अधिक प्रभाव आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में देखा गया, जबकि इसका असर उत्तर भारत तक पहुंच गया है।
आंध्र प्रदेश में सबसे अधिक नुकसान
आंध्र प्रदेश में तीन लोगों की मौत हुई और 1.5 लाख एकड़ फसलें बर्बाद हो गईं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार राज्य को करीब ₹5,265 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि यह प्रारंभिक आंकड़ा है और विस्तृत रिपोर्ट जल्द केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
तेलंगाना में भारी बारिश और बाढ़
तेलंगाना के वारंगल और हनमकोंडा जिलों में भारी बारिश से हालात बिगड़े हैं। करीब 2,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर भारत में चक्रवात का असर
मोंथा का असर मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार तक देखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश: अयोध्या, लखनऊ, कानपुर और काशी सहित 15 शहरों में रुक-रुक कर बारिश हुई।
बिहार: पटना, औरंगाबाद, बक्सर और भागलपुर में बारिश हुई। मौसम विभाग ने 25 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान: जयपुर, अलवर, करौली सहित कई जिलों में तेज बूंदाबांदी हुई। बीसलपुर बांध के गेट खोलकर बनास नदी में पानी छोड़ा गया।
मध्य प्रदेश: भोपाल, इंदौर और उज्जैन में तेज हवाएं चलीं और कई जिलों में मध्यम बारिश दर्ज की गई।
अरब सागर में नया दबाव क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्व-मध्य अरब सागर में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय हुआ है, जो अगले 36 घंटे तक पश्चिम की ओर बढ़ेगा। चक्रवात ‘मोंथा’ ने भले ही अपनी तीव्रता खो दी हो, लेकिन इसका असर अब भी कई राज्यों में महसूस किया जा रहा है — फसलों के नुकसान, जनजीवन की कठिनाइयों और मौसम में बड़े बदलाव के रूप में।