कर्नल सोफिया कुरैशी मामले में विजय शाह की कम नहीं हो रही मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट ने एमपी सरकार से पूछा-अब तक मंत्री पर केस चलाने की मंजूरी क्यों नहीं?.
नई दिल्ली। कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताने वाले मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं। सोमवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार से कहा कि अब तक मंत्री पर केस चलाने की मंजूरी क्यों नहीं दी गई। कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर सरकार को फैसला लेने को कहा है।
सोमवार को सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने सुनवाई की। बेंच ने गौर किया कि कोर्ट की ओर से गठित विशेष जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। वह राज्य सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है, जो कोर्ट के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा-196 (सांप्रदायिक घृणा, दुर्भावना को बढ़ावा देना) के तहत अपराध का संज्ञान लेने के लिए जरूरी है। बेंच ने यह भी कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में कुछ अन्य मामलों का भी जिक्र है, जहां शाह ने कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी से इन मामलों में की जाने वाली प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा।
सोमवार को मंत्री विजय शाह की ओर से सीनियर वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने (विजय शाह ने) अपना माफीनामा दर्ज करा दिया है। वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, बेंच ने कहा कि ये कोई माफीनामा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही मध्य प्रदेश सरकार को विजय शाह पर हुई एफआईआर पर दो सप्ताह के अंदर अभियोजन का फैसला लेने के आदेश दिए हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में पिछले साल 28 जुलाई को सुनवाई हुई थी। इसके छह महीने बाद आज सुप्रीम कोर्ट में इस केस की सुनवाई हुई। जुलाई में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह की ऑनलाइन माफी पर फटकार लगाई थी।
शाह ने दिया था विवादित बयान
11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम को मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा। शाह ने आगे कहा- अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।