मेघालय खदान हादसे पर केंद्र सख्त: 18 मौतों के बाद जी किशन रेड्डी ने मांगी रिपोर्ट.
मेघालय खदान हादसे पर केंद्र सख्त: 18 मौतों के बाद जी किशन रेड्डी ने मांगी रिपोर्ट
मेघालय के ईस्ट जयंतीया हिल्स जिले में हुए अवैध कोयला खदान हादसे पर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। कोयला एवं खदान मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस गंभीर घटना पर राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
यह हादसा गुरुवार, 5 फरवरी, को एक अवैध कोयला खदान में हुए धमाके के कारण हुआ, जिसमें अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस घटना को लेकर जी किशन रेड्डी ने कहा कि मेघालय में चल रही अवैध कोयला खदानों में यह दुर्घटना हुई है और इसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मेघालय में भारत सरकार के अंतर्गत कोई भी कोयला खदान संचालित नहीं होती। मंत्री ने कहा, “अब तक राज्य में कोयला खदानों का एक भी ब्लॉक नीलाम नहीं हुआ है। वहां न तो सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला खदानें हैं और न ही व्यावसायिक (कमर्शियल) खनन की अनुमति है। इसके बावजूद अवैध कोयला खनन जारी है, जिसे रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।”
जी किशन रेड्डी ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार अवैध कोयला खनन को रोकने के लिए राज्य सरकारों को लगातार पत्र लिखती रही है, लेकिन इसके बावजूद कुछ माफिया अलग-अलग इलाकों में गैरकानूनी खदानें चला रहे हैं और स्थानीय लोगों को वहां काम करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर मेघालय में अवैध कोयला खनन और उससे जुड़े खतरों को उजागर कर दिया है, जिस पर अब प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।