विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सिंगरौली में जंगल कटाई पर कांग्रेस का हंगामा, अनुपूरक बजट पास.
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को कांग्रेस विधायकों ने सिंगरौली जिले के जंगल में पेड़ों की कटाई का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठाया। जहां प्रदेश के वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार इसका सही जवाब तक नहीं दे पाए। भाजपा और कांग्रेस विधायकों में बहस शुरू हो गई, जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
सदन में कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह और विक्रांत भूरिया ने सरकार पर आरोप लगाया कि तीन कोल खदानें अडानी समूह को देने के नाम पर बड़े पैमाने पर वन कटाई की जा रही है। वन अधिनियम का पालन नहीं हो रहा। जंगल खत्म होने से आदिवासी प्रभावित होंगे। आदिवासियों को आक्सीजन कहां से मिलेगी। सरकार आदिवासियों के साथ अन्याय कर रही है।
सिंघार बोले-पेसा एक्ट के दायरे में था सिंगरौली
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा-जब पहले सिंगरौली ब्लॉक पेसा एक्ट के दायरे में आ रहा था, तो संसदीय कार्य मंत्री ने यह गलत जानकारी क्यों दी कि वह एरिया पेसा के दायरे में नहीं आता था। अगस्त 2023 में इसको लेकर साफ कहा गया है कि वह इलाका पेसा एक्ट के दायरे में आता है। सरकार इस बारे में जवाब दे। इसको लेकर कांग्रेस और भाजपा में बहस की स्थिति शुरू हो गई। इसके बाद कांग्रेस के विधायक नारेबाजी करते हुए बाहर निकल गए।
वन राज्य मंत्री ने कहा-पेसा एक्ट के एरिया में नहीं आता
वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि आज की स्थिति में वह ग्राम और ब्लॉक एरिया की पेसा एक्ट के एरिया में नहीं आता, इसलिए उसे परमिशन दी गई है। जब इस पूरे मामले में वन मंत्री बार-बार कहे जाने के बाद भी सही जवाब नहीं दे पाए तो विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस पूरे मामले में नेता प्रतिपक्ष से अलग मुलाकात कर वन मंत्री जवाब देंगे।
विधानसभा के चंदन के पेड़ का मामला भी उठा
कांग्रेस विधायक ओंकार सिंह मरकाम ने कहा- एक तरफ सरकार के लोग बजट में पेड़ लगाने का प्रयास कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने तो पेड़ लगाने के लिए गिनीज वर्ल्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया था।, लेकिन अब प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री देश की प्रकृति को बचाने में नाकाम हैं और पेड़ कटवाने में आगे हैं। विधानसभा में लगे चंदन के पेड़ तक को सरकार बचा नहीं पाई।
13476 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित
मध्य प्रदेश में शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा में 13476 करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट पारित किया गया है। विधानसभा में सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने नेताप्रतिपक्ष का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सकारात्मक भूमिका अदा की है। पक्ष के सभी सदस्य और मंत्रियों को भी उन्होंने धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि सभी ने एक मत होकर विकास के लिए काम किया है.कल तीन चीते को खुले जंगल में छोड़कर नया मुकाम हासिल किया गया है। सोयाबीन की भावांतर योजना के तहत प्रदेश नया अध्याय लिख रहा है। भोपाल में कश्मीर जैसे आनंद के लिए शिकारा की सौगात भी मिली है। अनुपूरक बजट भी प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह सत्र गरिमा पूर्ण रहा है। यह काम करने की प्रेरणा भी देता है।