अवैध पटाखा गोदामों पर कलेक्टर शिवम वर्मा का कड़ा एक्शन, 20 टीन शेड ढहाए, पुलिस और नगर निगम पर उठ रहे हैं सवाल.
इंदौर। खजराना क्षेत्र में बुधवार शाम एक गोदाम में आग लगने के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने सख्त एक्शन लिया है। कलेक्टर के आदेश पर गुरुवार सुबह यहां कृषि भूमि पर अवैध रूप से बने 20 टीन शेड ढहा दिए। कार्रवाई के दौरान यहां से काफी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मिली, जिसे नष्ट कराया गया।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि यहां मौजूद सभी दुकानें अवैध थीं और नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। आग के बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम प्रदीप सोनी ने कहा कि घटना के बाद तत्काल इलाके को सील कर दिया गया था। रहवासी क्षेत्र के बीच निजी कृषि भूमि पर 18 से 20 टीन शेड अवैध रूप से निर्माण कर उपयोग किए जा रहे थे।
उल्लेखनीय है कि खजराना क्षेत्र के पटेल मार्केट के एक गोदाम में आग लग गई थी। आग के कारण एक गोडाउन और तीन दुकानें जल गई थी। जिस गोदाम में आग लगी, उसमें शादी व इवेंट में की जाने वाली आतिशबाजी का सामान रखा था। आग लगते ही जोरदार धमाके हो रहे थे और आतिशबाजी उड़कर आसमान और इधर-उधर जा रही थी। फायर ब्रिगेड ने समय रहते आग पर काबू पाया। आग यदि फैल जाती तो मार्केट की अन्य दुकानें व गोडाउन भी चपेट में आ जाते। आग बुझाने के दौरान पता चला कि पास ही के गोडाउन में भी पटाखे और का सामान रखा है। निरीक्षण में कई स्थानों पर अत्यंत ज्वलनशील रसायन मिले, जिनका संभावित उपयोग पायरो निर्माण में किया जाता था। प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, इंडस्ट्रियल हेल्थ और प्रदूषण विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत जांच की। जब्त सामग्री के भंडारण के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी।
लैंड यूज भी परिवर्तित नहीं कराया था
बताया जाता है कि भूमि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि सलीम पिता अनार के नाम दर्ज है। बिना लैंड यूज परिवर्तन और बिल्डिंग परमिशन लिए स्ट्रक्चर खड़े किए जाने पर सलीम के खिलाफ एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। नोटिस जारी कर उनसे पूछताछ भी की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण और खतरनाक सामग्री रखने पर शहर में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस और निगम की टीम रही अनजान
इस कार्रवाई के बाद यह सवाल उठ रहा है कि इतने दिनों से अवैध रूप से शहर में अवैध रूप से पटाखा कारोबार चल रहा था, लेकिन पुलिस और नगर निगम इससे अनजान रहा। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि इतना बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो गया और नगर निगम को कैसे पता नहीं चला। लोगों का कहना है कि ऐसे सारे धंधे पुलिस की नजरों से बच नहीं सकते। इसका मतलब साफ है कि पुलिस इससे अनजान बनी रही।
कलेक्टर ने तीन पटवारियों को किया निलंबित
राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने तीन पटवारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने महू के तीन पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कलेक्टर ने जिन पटवारियों को निलंबित किया है उनमें आशीष कटारे, अनिता चौहान और मेघा शर्मा शामिल हैं। इन्होंने तहसील महू के ग्राम सांतेर में खसरा नंबर 68/1 एवं 69/1 के राजस्व प्रकरण में गंभीर अनियमितता की है। इसको देखते हुए तीनों पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि महू तहसील की एक सरकारी जमीन का मामला संज्ञान में आया है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जमीन को सरकारी किया गया था। उसमें एक सर्वे नंबर अतिरिक्त रूप से बनाया गया, जो कि निजी रहा। इसके बाद उसका डायवर्शन भी हुआ, जबकि उसको सरकारी नंबर होना था। मामला सामने आने के बाद इसकी पड़ताल की गई, तो पाया गया कि तीन पटवारी जिन्होंने इसमें लापरवाही की थी।