पाकिस्तान के जैकोबाबाद में तीन अरब रुपए का घोटाला कर भागा नानक राम डेंबला अभी भी इंदौर में, वीजा-पासपोर्ट एक्सपायर होने के बाद भी सांसद प्रतिनिधि दे रहे हैं संरक्षण?.
इंदौर। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के जैकोबाबाद से तीन अरब रुपए का घोटाला कर फरार हुआ आरोपी अभी भी इंदौर में है। उसका वीजा पहले ही एक्सपायर हो चुका है और पासपोर्ट भी रिन्यू नहीं हुआ है। इसके बावजूद उसका इंदौर में टिके रहना कई सवाल खड़े करता है। बताया जाता है कि पुलिस-प्रशासन के साथ ही उसे इंदौर के सांसद प्रतिनिधि विशाल गिडवानी का संरक्षण भी मिल रहा है।
पाकिस्तान के जैकोबाबाद के विकास कुमार उर्फ विक्की कुमार के अनुसार नानक राम डेंबला ने ब्याज पर पैसे चलाने सहित अन्य कामों के लिए लोगों से करीब तीन अरब रुपए लिए और पाकिस्तान से फरार हो गया। उस आरोपी पर पाकिस्तान में 7 एफआईआर दर्ज हैं। पाकिस्तानी मीडिया में उसके तीन अरब रुपए लेकर भागने की खबरें चल रही हैं। पाकिस्तानी सरकार और पुलिस उसका पासपोर्ट रद्द करने तक के लिए लिख चुकी है। पाकिस्तानी कोर्ट ने इसके पासपोर्ट और सारी आईडी, एनआईसी ब्लॉक कर दिए हैं।
इंदौर पुलिस-प्रशासन को भेजी है डिटेल
विक्की कुमार ने बताया कि उन्होंने इंटरपोल से लेकर इंदौर कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, सांसद शंकर लालवानी तक को ई-मेल से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन वह मजे से इदौर के राजमहल कॉलोनी में रह रहा है। विक्की कुमार ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर शिवम वर्मा, पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह और क्राइम ब्रांच के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर राजेश दंडोतिया को भी आवेदन दिया है। दंडोतिया ने क़ल कर डिटेल मांगी और बताया कि इसकी जांच प्रोसेस में है।
दिल्ली में रिन्यू नहीं हुआ वीजा
विक्की कुमार ने बताया कि आरोपी नानक राम डेंबला का एलीटीवी 6 दिसंबर को एक्सपायर हो चुका है। उसका पासपोर्ट भी रिन्यू नहीं है। वह 20 जनवरी को पासपोर्ट रिन्यू कराने दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास गया था, लेकिन वां से मना कर दिया गया। पाकिस्तान में कई केस दर्ज होने के कारण उसका एम्बेंसी ने उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया है। इसके बाद भी वह बिना वीजा और पासपोर्ट के इंदौर में रह रहा है।
सांसद प्रतिनिधि के नाम से दे रहा धमकी
विक्की कुमार ने बताया कि मेरी डेंबला से 28 जनवरी को चार मिनट बात हुई थी। उस समय उसने कहा कि तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। यहां मुझे बहुत बड़े लोगों का सपोर्ट है। फिर डेंबला सांसद शंकर लालवानी के पीए विशाल गिडवानी का नाम लिया। विक्की कुमार ने बताया कि भारत में राहुल कालरा उसका गारंटियर है। उसने इसके एवज में डेंबला से 25 हजार रुपए लिए हैं।
संरक्षण के नाम पर लंबे समय से चल रहा खेल
इंदौर में पाकिस्तानी हिंदू नागरिकों को संरक्षण देने के नाम पर लंबे समय से खेल चल रहा है। कुछ नेता इसके नाम से जमकर वसूली कर रहे हैं। यह विडंबना ही है कि पाकिस्तान में हिंदुओं को लूटकर आए अपराधियों को इंदौर के नेता और अधिकारी संरक्षण दे रहे हैं। प्रशासन उन्हें पासपोर्ट रिन्यू कराने के लिए पत्र भी दे देता है और नेता उनको इंदौर में रहने देने की पूरी गारंटी ले रहे हैं। इस तरह के कई मामले पहले भी सामने आए हैं, लेकिन शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती। इस मामले में भी पुलिस-प्रशासन के रवैये पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रेन मर्चेंट के नाम से करता था कोराबार
विकास कुमार ने बताया कि नानक राम ग्रेन मर्चेंट के नाम से कारोबार करता था। कमीशन के लालच में लोगों को ब्याज पर पैसे चलाने की बात कहता था, लेकिन पैसे लेने के बाद उसने किसी को वापस नहीं किए। इतना ही नहीं इसने किसी से प्रॉपर्टी के नाम से पैसे वसूले तो किस से किसी और काम के लिए। वह जिस दिन पाकिस्तान से दुबई भागा, उस दिन भी उसने जैकोबाबाद से करीब 24 करोड़ रुपए की वसूली की।
पहले बेटे को भेजा, फिर आ गया इंदौर
नानक राम ने दुबई से पहले अपने बेटे और बहू को इंदौर भेजा। अगस्त 2024 में नानक राम का बेटा गोबिंदराम और मुस्कान दोनों दुबई से इंदौर आ गए। इसके बाद बेटे से जब इस बात की तसल्ली हो गई कि यहां सब ठीक है, नानक राम 9 जनवरी 25 को अपनी पत्नी सुनीता और छोटे बेटे के साथ इंदौर आ गया। नानक राम के साथ ही बेटे गोबिंद के नाम से पाकिस्तान सरकार ने नॉन वेलेबल वारंट निकाला हुआ है और इंटरपोल में भी दोनों के ही नाम हैं। दोनों के आधार कार्ड भी ब्लॉक हैं।