पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश हुआ प्रस्ताव, एसआईआर के कारण 107 लोगों की गई जान.
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी एसआईआर को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर लगातार हमला कर रही हैं। इस मामले को लेकर वे सुप्रीम कोर्ट भी जा चुकी हैं। अब पश्चिम बंगाल विधानसभा में गुरुवार को एक प्रस्ताव पेश किया गया। इसमें दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेनसिव रिवीजन (एसआईआर) के डर और घबराहट की वजह से 107 लोगों की मौत हो गई।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में राज्य संसदीय कार्य मंत्री शोवनदेब चट्टोपाध्याय ने नियम 169 के तहत प्रस्ताव पेश किया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर राज्य में डर और असुरक्षा का माहौल बनाया गया है। प्रस्ताव के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग इस डर से जूझ रहे हैं कि कहीं उनके नाम मतदाता सूची से हटा न दिए जाए। इसी मानसिक दबाव और चिंता के कारण 107 लोगों की जान जाने का दावा किया गया है। इनमें आत्महत्या के मामले भी शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि एसाईआर के डर की वजह से रोजाना 3 से 4 लोग आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने एसआईआर को एनआरसी लाने का पिछला दरवाजा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी बंगाल को निशाना बना रही है। राज्य सरकार का आरोप है कि चुनाव आयोग इस मामले में निष्पक्ष भूमिका नहीं निभा रहा है और केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि इन मौतों की नैतिक जिम्मेदारी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को लेनी चाहिए।