म्यांमार;सेना में कार्य की अनिवार्यता का पुराना कानून फिर लागू .
म्यांमार;सेना में कार्य की अनिवार्यता का पुराना कानून फिर लागू
म्यांमार ने एक ऐसे पुराने क़ानून को दोबारा लागू कर दिया जो 14 साल से स्थगित था. इस क़ानून के तहत 35 वर्ष से कम आयु के पुरुषों और 27 वर्ष से कम आयु की महिलाओं के लिए कम से कम दो साल तक सेना में काम करना अनिवार्य कर दिया गया है.इस अनिवार्य भर्ती से बचने का प्रयास करने वालों को जेल की सज़ा दी जा सकती है. इसका मक़सद सेना में साठ हज़ार नए सैनिकों की भर्ती करना है क्योंकि म्यांमार की सैन्य नेतृत्व वाली सरकार एक भयानक गृह युद्ध में फंस गयी है.

यह गृह युद्ध 2021 में तब शुरू हुआ था जब सेना ने लोकतांत्रिक तरीके़ से चुनी हुई सरकार का तख़्तापलट किया था. सैन्य प्रशासन की इस कार्यवाही के ख़िलाफ़ व्यापक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू हुए जिन्हें सरकार ने हिंसक रूप से कुचलने की कोशिश की.इसके चलते कई ऐसे पुराने गुटों में नई जान आ गई जो म्यांमार में सैनिक शासन का अंत चाहते रहे हैं.दक्षिण-पूर्वी एशिया के इस देश में आंतरिक कलह कोई नई बात नहीं है लेकिन यह नया संघर्ष देश को संकट की ओर धकेल रहा है.
म्यांमार;सेना में कार्य की अनिवार्यता का पुराना कानून फिर लागू
म्यांमार ने एक ऐसे पुराने क़ानून को दोबारा लागू कर दिया जो 14 साल से स्थगित था. इस क़ानून के तहत 35 वर्ष से कम आयु के पुरुषों और 27 वर्ष से कम आयु की महिलाओं के लिए कम से कम दो साल तक सेना में काम करना अनिवार्य कर दिया गया है.इस अनिवार्य भर्ती से बचने का प्रयास करने वालों को जेल की सज़ा दी जा सकती है. इसका मक़सद सेना में साठ हज़ार नए सैनिकों की भर्ती करना है क्योंकि म्यांमार की सैन्य नेतृत्व वाली सरकार एक भयानक गृह युद्ध में फंस गयी है.
यह गृह युद्ध 2021 में तब शुरू हुआ था जब सेना ने लोकतांत्रिक तरीके़ से चुनी हुई सरकार का तख़्तापलट किया था. सैन्य प्रशासन की इस कार्यवाही के ख़िलाफ़ व्यापक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू हुए जिन्हें सरकार ने हिंसक रूप से कुचलने की कोशिश की.इसके चलते कई ऐसे पुराने गुटों में नई जान आ गई जो म्यांमार में सैनिक शासन का अंत चाहते रहे हैं.दक्षिण-पूर्वी एशिया के इस देश में आंतरिक कलह कोई नई बात नहीं है लेकिन यह नया संघर्ष देश को संकट की ओर धकेल रहा है.