भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सियासी घमासान: संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन, टैरिफ और घाटे पर उठे सवाल.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सियासी घमासान: संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन, टैरिफ और घाटे पर उठे सवाल
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर गुरुवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्ष ने समझौते की शर्तों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे देश के आर्थिक हितों के लिए नुकसानदायक बताया।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने समझौते की कई धाराओं पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि एक फरमान जारी हुआ है, जिसमें कहा जा रहा है कि आप अपने सारे बाज़ार खोलिए। आप ज़ीरो फ़ीसदी टैरिफ पर सामान भेजेंगे और हमारा जो टैरिफ होगा वह 18 फ़ीसदी लागू होगा।”
उन्होंने ‘500 बिलियन डॉलर के व्यापार’ के लक्ष्य पर भी सवाल उठाया और रूसी तेल की खरीद पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाई गई रोक का मुद्दा भी उठाया।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि इससे भारत को व्यापारिक घाटे का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “हमारा व्यापारिक लाभ लगभग 45 बिलियन डॉलर का है। अब जो समझौता हुआ है, उसके बाद पहले साल ही हमारा व्यापारिक घाटा 13 बिलियन डॉलर का हो जाएगा। चीन के साथ हमारा पहले से ही व्यापारिक घाटा चल रहा है।”
इमरान मसूद ने यह भी सवाल किया कि अगर बाजार पूरी तरह खोल दिए गए तो भारतीय उत्पादों और घरेलू उद्योगों का क्या होगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर संसद और सियासी गलियारों में बहस तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी चर्चा होने की संभावना है।