एमसीजी पिच विवाद पर अश्विन का बेबाक बयान: दोहरे मापदंड छोड़िए, टेस्ट क्रिकेट अनुकूलन की परीक्षा है.
एमसीजी पिच विवाद पर अश्विन का बेबाक बयान: दोहरे मापदंड छोड़िए, टेस्ट क्रिकेट अनुकूलन की परीक्षा है
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेले गए एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट के सिर्फ दो दिनों में खत्म होने के बाद पिच को लेकर ज़ोरदार बहस छिड़ गई है। हालांकि भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इस विवाद से खुद को अलग रखते हुए पिच की आलोचना से साफ इनकार किया और क्रिकेट जगत में अपनाए जा रहे दोहरे मापदंडों पर सवाल खड़े किए।

10 मिमी घास वाली इस पिच पर तेज गेंदबाजों का दबदबा इतना रहा कि छह सत्रों में ही 36 विकेट गिर गए। कुल 142 ओवर के खेल में कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं पहुंच सका। इंग्लैंड ने चार विकेट से मुकाबला जीतकर 14 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट जीत दर्ज की। मौजूदा एशेज में अब तक चार में से दो टेस्ट दो दिन में खत्म हो चुके हैं, जबकि एक चार दिन और एक पांच दिन तक चला।
इतनी जल्दी मैच खत्म होने के चलते क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) को टिकट रिफंड, मर्चेंडाइज और फूड-बेवरेज बिक्री में करोड़ों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के क्रिकेट विशेषज्ञों की ओर से वैसी तीखी प्रतिक्रिया नहीं दिखी, जैसी भारत में स्पिन-अनुकूल पिचों पर टेस्ट जल्दी खत्म होने पर देखने को मिलती है।
इसी दोहरे रवैये पर अश्विन ने सवाल उठाए। अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह एमसीजी पिच की आलोचना नहीं करेंगे, क्योंकि दोनों टीमों को एक जैसी परिस्थितियों में खेलना पड़ा। उन्होंने हाल ही में ईडन गार्डन्स टेस्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में पिचों पर सवाल उठते ही हम खुद अपनी आलोचना करते हैं, लेकिन दूसरे देशों के मामले में ऐसा कम ही देखने को मिलता है।
अश्विन ने कहा,
“इतने साल क्रिकेट खेलने के बाद हम अपनी पिचों की सही तरीके से समीक्षा करते हैं। लेकिन दूसरे देश अपने बारे में ऊंची बातें करते हैं और हमारे बारे में कमतर बोलते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए।”
उनके मुताबिक टेस्ट क्रिकेट की असली खूबसूरती विदेशी परिस्थितियों में खुद को ढालने की कला में है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने शेन वॉर्न और नाथन लियोन जैसे महान स्पिनर दिए हैं, जबकि न्यूजीलैंड और इंग्लैंड अब तक वैसा बड़ा स्पिनर पैदा नहीं कर पाए।
अश्विन ने निष्कर्ष देते हुए कहा,
“टेस्ट क्रिकेट इसी अनुकूलन का नाम है। एमसीजी की पिच दोनों टीमों के लिए समान थी। इसे देखना रोमांचक था, किसी रेसिंग थ्रिलर फिल्म जैसा। लेकिन दोहरे मापदंडों से बचना बेहद जरूरी है।”
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया शुरुआती तीन टेस्ट जीतकर पहले ही एशेज सीरीज अपने नाम कर चुका है और फिलहाल 3–1 से आगे है। अब पांचवां और अंतिम टेस्ट 4 जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा।