व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी से अमेरिका में हड़कंप: दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर हमला, संदिग्ध अफगान नागरिक हिरासत में; ट्रंप ने बाइडन पर साधा निशाना
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में बुधवार दोपहर व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर हुई गोलीबारी ने पूरे देश को झकझोर दिया। 17वीं स्ट्रीट और H स्ट्रीट के पास हुए इस हमले में दो नेशनल गार्ड सैनिकों को गोली मारी गई। वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर पैट्रिक मॉरिसी ने कहा कि दोनों सैनिकों की मौत हो गई है, हालांकि स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। दोनों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
घटना के तुरंत बाद भारी पुलिस बल, फायर यूनिट्स, आपातकालीन टीमें, यूएस सीक्रेट सर्विस और एटीएफ एजेंसी ने पूरे इलाके में घेराबंदी कर दी। नेशनल मॉल पर एक हेलीकॉप्टर भी लैंड किया गया।

संदिग्ध गिरफ्त में, पहचान 29 वर्षीय अफगान नागरिक के रूप में
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, हमलावर की पहचान 29 वर्षीय रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है, जो 2021 में अफगानिस्तान से निकासी के दौरान अमेरिका लाया गया था। यह वही योजना थी जिसके तहत अमेरिकी सेना की मदद करने वाले अफगान नागरिकों को अमेरिका में बसाया गया था।
ट्रंप का कड़ा हमला: यह बाइडन की नीतियों का नतीजा है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की जिम्मेदारी पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की नीतियों पर डाल दी।
ट्रंप ने कहा—
- “देश शोक में है, लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ खड़ा है।”
- “हमले का आरोपी अफगान नागरिक वही है जिसे बाइडन प्रशासन 2021 की विवादित फ्लाइट्स के जरिए अमेरिका लाया था।”
- “संदिग्ध की आव्रजन वैधता भी बाइडन ने कानून बनाकर बढ़ाई थी।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि दुनिया भर से ‘2 करोड़ अज्ञात विदेशियों’ को अमेरिका में प्रवेश देकर बाइडन प्रशासन ने देश को खतरे में डाला है।
उन्होंने मांग की कि—
- अफगानिस्तान से आए सभी प्रवासियों की पुनर्समीक्षा हो
- जो देश को कोई लाभ नहीं देते, उन्हें निकाला जाए
- अमेरिका “आतंक के आगे कभी नहीं झुकेगा”
ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी की सुरक्षा बढ़ाने के लिए 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
घटना के समय ट्रंप गोल्फ कोर्स पर, व्हाइट हाउस अलर्ट पर
हमले के वक्त राष्ट्रपति ट्रंप वेस्ट पाम बीच स्थित अपने गोल्फ कोर्स में थे।
व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने बताया—
- राष्ट्रपति को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है
- सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं
राजधानी में पहले से तैनात हैं हजारों नेशनल गार्ड
अगस्त में राष्ट्रपति की आपातकालीन घोषणा के बाद वॉशिंगटन डीसी की सुरक्षा संघीय नियंत्रण में है।
- आठ राज्यों से नेशनल गार्ड बुलाए गए
- हजारों जवान शहर में तैनात हैं
जांच जारी, सुरक्षा और कड़ी
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह घटना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी से अमेरिका में हड़कंप: दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर हमला, संदिग्ध अफगान नागरिक हिरासत में; ट्रंप ने बाइडन पर साधा निशाना
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में बुधवार दोपहर व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर हुई गोलीबारी ने पूरे देश को झकझोर दिया। 17वीं स्ट्रीट और H स्ट्रीट के पास हुए इस हमले में दो नेशनल गार्ड सैनिकों को गोली मारी गई। वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर पैट्रिक मॉरिसी ने कहा कि दोनों सैनिकों की मौत हो गई है, हालांकि स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। दोनों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
घटना के तुरंत बाद भारी पुलिस बल, फायर यूनिट्स, आपातकालीन टीमें, यूएस सीक्रेट सर्विस और एटीएफ एजेंसी ने पूरे इलाके में घेराबंदी कर दी। नेशनल मॉल पर एक हेलीकॉप्टर भी लैंड किया गया।
संदिग्ध गिरफ्त में, पहचान 29 वर्षीय अफगान नागरिक के रूप में
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, हमलावर की पहचान 29 वर्षीय रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है, जो 2021 में अफगानिस्तान से निकासी के दौरान अमेरिका लाया गया था। यह वही योजना थी जिसके तहत अमेरिकी सेना की मदद करने वाले अफगान नागरिकों को अमेरिका में बसाया गया था।
ट्रंप का कड़ा हमला: यह बाइडन की नीतियों का नतीजा है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की जिम्मेदारी पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की नीतियों पर डाल दी।
ट्रंप ने कहा—
“देश शोक में है, लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ खड़ा है।”
“हमले का आरोपी अफगान नागरिक वही है जिसे बाइडन प्रशासन 2021 की विवादित फ्लाइट्स के जरिए अमेरिका लाया था।”
“संदिग्ध की आव्रजन वैधता भी बाइडन ने कानून बनाकर बढ़ाई थी।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि दुनिया भर से ‘2 करोड़ अज्ञात विदेशियों’ को अमेरिका में प्रवेश देकर बाइडन प्रशासन ने देश को खतरे में डाला है।
उन्होंने मांग की कि—
अफगानिस्तान से आए सभी प्रवासियों की पुनर्समीक्षा हो
जो देश को कोई लाभ नहीं देते, उन्हें निकाला जाए
अमेरिका “आतंक के आगे कभी नहीं झुकेगा”
ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी की सुरक्षा बढ़ाने के लिए 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
घटना के समय ट्रंप गोल्फ कोर्स पर, व्हाइट हाउस अलर्ट पर
हमले के वक्त राष्ट्रपति ट्रंप वेस्ट पाम बीच स्थित अपने गोल्फ कोर्स में थे।
व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने बताया—
राष्ट्रपति को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है
सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं
राजधानी में पहले से तैनात हैं हजारों नेशनल गार्ड
अगस्त में राष्ट्रपति की आपातकालीन घोषणा के बाद वॉशिंगटन डीसी की सुरक्षा संघीय नियंत्रण में है।
आठ राज्यों से नेशनल गार्ड बुलाए गए
हजारों जवान शहर में तैनात हैं
जांच जारी, सुरक्षा और कड़ी
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह घटना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।