रूस-यूक्रेन युद्ध ,अमेरिका की वजह से;पुतिन.
रूस-यूक्रेन युद्ध ,अमेरिका की वजह से;पुतिन
मौजूदा समय में रूस और यूक्रेन के बीच करीब 2 साल से युद्ध चल रहा है. इस दौरान एक अमेरिकी पत्रकार कार्लसन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का इंटरव्यू लिया है. कार्लसन के साथ हुई बातचीत में पुतिन ने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अमेरिका की वजह से हो रहा है. अमेरिका के कहने पर ही कीव ने मास्को के साथ दूरी बनाई.
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पुतिन ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने ही 2014 में यूक्रेन की राजनीति में बदलाव करवाया. इस दौरान जिन लोगों ने नई सरकार को नहीं स्वीकार किया. उन लोगों पर काफी अत्याचार हुए. रूसी राष्ट्रपति के मुताबिक वो ऐसे ही युद्ध में नहीं कूद पड़े. यूक्रेन स्थित डोनबास और क्रीमिया के लोगों ने जब रूस से मदद की गुहार लगाई तब वह आगे आए. पुतिन का कहना है कि 2008 में नाटो ने यूक्रेन के साथ अपने संबंध स्थापित करने की कोशिश की. इस बीच 2014 में तख्तापलट देखने को मिला. नाटो के आदेश पर ही यूक्रेन में उन लोगों को टारगेट किया गया जिन्होंने नई सरकार को स्वीकार नहीं किया.

. यूक्रेनी सेना ने सर्वप्रथम 2014 में डोनबास के लोगों पर हमला किया. यहीं से मौजूदा युद्ध की शुरुआत हुई थी.पुतिन का कहना है कि सीआईए की वजह से ही यूक्रेन में तख्तापलट हुआ था. हमने कई बार अमेरिका को यूक्रेन के साथ चल रही समस्याओं को साझा किया, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला. इसके विपरीत यूक्रेन ने हमारे ऊपर सैन्य कार्रवाई करनी शुरू कर दी. पुतिन के अनुसार वह यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को लेकर भी अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहते थे, लेकिन वह नहीं हो पाया.
रूस-यूक्रेन युद्ध ,अमेरिका की वजह से;पुतिन
मौजूदा समय में रूस और यूक्रेन के बीच करीब 2 साल से युद्ध चल रहा है. इस दौरान एक अमेरिकी पत्रकार कार्लसन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का इंटरव्यू लिया है. कार्लसन के साथ हुई बातचीत में पुतिन ने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अमेरिका की वजह से हो रहा है. अमेरिका के कहने पर ही कीव ने मास्को के साथ दूरी बनाई.
पुतिन ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने ही 2014 में यूक्रेन की राजनीति में बदलाव करवाया. इस दौरान जिन लोगों ने नई सरकार को नहीं स्वीकार किया. उन लोगों पर काफी अत्याचार हुए. रूसी राष्ट्रपति के मुताबिक वो ऐसे ही युद्ध में नहीं कूद पड़े. यूक्रेन स्थित डोनबास और क्रीमिया के लोगों ने जब रूस से मदद की गुहार लगाई तब वह आगे आए. पुतिन का कहना है कि 2008 में नाटो ने यूक्रेन के साथ अपने संबंध स्थापित करने की कोशिश की. इस बीच 2014 में तख्तापलट देखने को मिला. नाटो के आदेश पर ही यूक्रेन में उन लोगों को टारगेट किया गया जिन्होंने नई सरकार को स्वीकार नहीं किया.
. यूक्रेनी सेना ने सर्वप्रथम 2014 में डोनबास के लोगों पर हमला किया. यहीं से मौजूदा युद्ध की शुरुआत हुई थी.पुतिन का कहना है कि सीआईए की वजह से ही यूक्रेन में तख्तापलट हुआ था. हमने कई बार अमेरिका को यूक्रेन के साथ चल रही समस्याओं को साझा किया, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला. इसके विपरीत यूक्रेन ने हमारे ऊपर सैन्य कार्रवाई करनी शुरू कर दी. पुतिन के अनुसार वह यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को लेकर भी अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहते थे, लेकिन वह नहीं हो पाया.