पुतिन का संकेत: "तैयारी हुई तो जेलेंस्की मॉस्को आ सकते हैं"
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर बैठक अच्छी तरह तैयार की जाए और सकारात्मक नतीजे सामने आएं, तो यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की मॉस्को आकर मुलाकात कर सकते हैं। पुतिन ने कहा कि उन्होंने कभी भी मुलाकात की संभावना से इनकार नहीं किया।

नाटो और सुरक्षा पर सख्त रुख
पुतिन ने स्पष्ट किया कि हर देश को अपनी सुरक्षा का अधिकार है, लेकिन किसी और की कीमत पर नहीं।
- नाटो सदस्यता को उन्होंने रूस के लिए सीधी चुनौती बताया।
- जबकि यूक्रेन के यूरोपीय संघ में शामिल होने पर उन्होंने उतनी कड़ी आपत्ति नहीं जताई।
बहुध्रुवीय विश्व की वकालत
पुतिन ने कहा कि अब एकध्रुवीय दुनिया का अंत होना चाहिए।
- उन्होंने ब्रिक्स और एससीओ को बहुध्रुवीय व्यवस्था का प्रतीक बताया।
- भारत और चीन जैसे आर्थिक दिग्गजों की अहम भूमिका पर जोर दिया।
- चेतावनी दी कि आर्थिक ताकत को राजनीतिक या सुरक्षा प्रभुत्व में नहीं बदलना चाहिए।
मोदी से मुलाकात और चीन दौरे का जिक्र
पुतिन ने बताया कि एससीओ सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी सकारात्मक बातचीत हुई।
उन्होंने कहा कि चीन दौरे के नतीजे "आगे की सोच वाले" हैं और इससे बहुपक्षीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
पुतिन का संकेत: "तैयारी हुई तो जेलेंस्की मॉस्को आ सकते हैं"
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर बैठक अच्छी तरह तैयार की जाए और सकारात्मक नतीजे सामने आएं, तो यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की मॉस्को आकर मुलाकात कर सकते हैं। पुतिन ने कहा कि उन्होंने कभी भी मुलाकात की संभावना से इनकार नहीं किया।
नाटो और सुरक्षा पर सख्त रुख
पुतिन ने स्पष्ट किया कि हर देश को अपनी सुरक्षा का अधिकार है, लेकिन किसी और की कीमत पर नहीं।
नाटो सदस्यता को उन्होंने रूस के लिए सीधी चुनौती बताया।
जबकि यूक्रेन के यूरोपीय संघ में शामिल होने पर उन्होंने उतनी कड़ी आपत्ति नहीं जताई।
बहुध्रुवीय विश्व की वकालत
पुतिन ने कहा कि अब एकध्रुवीय दुनिया का अंत होना चाहिए।
उन्होंने ब्रिक्स और एससीओ को बहुध्रुवीय व्यवस्था का प्रतीक बताया।
भारत और चीन जैसे आर्थिक दिग्गजों की अहम भूमिका पर जोर दिया।
चेतावनी दी कि आर्थिक ताकत को राजनीतिक या सुरक्षा प्रभुत्व में नहीं बदलना चाहिए।
मोदी से मुलाकात और चीन दौरे का जिक्र
पुतिन ने बताया कि एससीओ सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी सकारात्मक बातचीत हुई।
उन्होंने कहा कि चीन दौरे के नतीजे "आगे की सोच वाले" हैं और इससे बहुपक्षीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी।