अमेरिका में ट्रंप के भाषण के दौरान विरोध प्रदर्शन तेज, नेशनल गार्ड्स की तैनाती.
अमेरिका में ट्रंप के भाषण के दौरान विरोध प्रदर्शन तेज, नेशनल गार्ड्स की तैनाती
सेना की 250वीं वर्षगांठ पर ट्रंप का संबोधन
रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर सैनिकों को संबोधित किया। अपने भाषण में ट्रंप ने सेना के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा,हर बार अमेरिका के दुश्मनों ने यह सीखा है कि अगर तुम हमारे लोगों को डराने की कोशिश करोगे, तो हमारे सैनिक जवाब देने ज़रूर आएंगे। हमारे सैनिक कभी हार नहीं मानते, कभी हथियार नहीं डालते और कभी पीछे नहीं हटते। वे लगातार लड़ते हैं और हमेशा जीतकर ही लौटते हैं।"

ट्रंप के ख़िलाफ़ देशभर में विरोध प्रदर्शन
ट्रंप के भाषण के समानांतर, अमेरिका के कई हिस्सों में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी देखे गए। वॉशिंगटन डीसी में एक मार्च का आयोजन किया, जिसमें लगभग 1,000 लोग शामिल हुए। इससे पहले लोगन सर्कल क्षेत्र में एक रैली हुई, जहां एक पूर्व सैनिक और एक ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता सहित कई लोगों ने भीड़ को संबोधित किया।
लॉस एंजेलिस में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई और विरोध
लॉस एंजेलिस में अवैध प्रवासियों के खिलाफ की गई छापेमारी की कार्रवाई के बाद वहां लगातार चार दिन तक विरोध प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों के कारण हालात तनावपूर्ण हो गए थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने नेशनल गार्ड्स के 4,000 जवानों और 700 मरीन की तैनाती का आदेश दिया।
निष्कर्ष
सेना की वर्षगांठ के मौके पर ट्रंप का राष्ट्रवादी भाषण जहां उनके समर्थकों में उत्साह भर रहा था, वहीं देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने यह भी दिखा दिया कि उनकी नीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर अमेरिका का एक बड़ा वर्ग असंतुष्ट है। लॉस एंजेलिस में फोर्स की तैनाती इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।