ईरान के खिलाफ युद्ध में कनाडा की भागीदारी के संकेत, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का बड़ा बयान.
ईरान के खिलाफ युद्ध में कनाडा की भागीदारी के संकेत, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का बड़ा बयान
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष में सैन्य भागीदारी की संभावना से इनकार नहीं किया है। उन्होंने ईरान को क्षेत्र में अशांति और आतंक का मुख्य स्रोत बताते हुए कहा कि उसे परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
गुरुवार को दिए बयान में मार्क कार्नी ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में कनाडा की भागीदारी को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए सभी पक्षों को प्रयास करना चाहिए।
कार्नी की यह टिप्पणी उनके उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने पहले कहा था कि संघर्ष को जन्म देने वाले अमेरिकी-इसराइली हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ दिखाई देते हैं। इसके बावजूद उन्होंने साफ किया कि मध्य-पूर्व में बदलते हालात को देखते हुए कनाडा सभी विकल्पों पर नजर रखे हुए है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरान पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और आतंक का बड़ा स्रोत रहा है और उसके मानवाधिकार रिकॉर्ड को लेकर भी गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने या विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
कार्नी ने बताया कि कनाडा और उसके अंतरराष्ट्रीय साझेदार लगातार ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की मांग करते रहे हैं। उन्होंने जी-7 शिखर सम्मेलन में हुई चर्चाओं और पिछले सितंबर में फिर से लागू किए गए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का भी उल्लेख किया।
वहीं कैनबरा में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान कार्नी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने भी मध्य-पूर्व में बढ़ती शत्रुता को कम करने की अपील की। दोनों नेताओं ने एक साथ यह भी कहा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता होनी चाहिए।