ईरान हिजबुल्ला को फिर से मजबूत करने में जुटा, इजराइल ने संयुक्त राष्ट्र में जताई चिंता.
ईरान हिजबुल्ला को फिर से मजबूत करने में जुटा, इजराइल ने संयुक्त राष्ट्र में जताई चिंता
इजराइल ने संयुक्त राष्ट्र को चेतावनी दी है कि ईरान लेबनान में हिजबुल्ला को फिर से मजबूत करने के लिए हथियार और वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। इजराइली राजदूत डैनी डेनन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को एक पत्र लिखकर इस गंभीर स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया है।

हिजबुल्ला और ईरान का गठजोड़:
डैनी डेनन ने आरोप लगाया कि ईरान, सीरिया-लेबनान सीमा और हवाई तथा समुद्री मार्गों के जरिए हिजबुल्ला को हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन तस्करी मार्गों पर सख्ती से रोक लगाने का आग्रह किया।
पश्चिम एशिया पर खतरा:
इजराइल का कहना है कि हिजबुल्ला की ताकत में इजाफा न केवल इजराइल बल्कि पूरे पश्चिम एशिया और अमेरिका के सहयोगियों के लिए खतरा है। अमेरिकी खुफिया विभाग ने भी हाल ही में ऐसी ही चेतावनी जारी की थी।
पिछले युद्ध और विवाद:
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बीते साल नवंबर में इजराइल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम समझौता हुआ था, जिसके तहत दक्षिणी लेबनान में लेबनानी आर्मी को तैनात करने और सेनाओं को हटाने का निर्णय लिया गया था।
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हालांकि, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया।
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इजराइल के हमलों में लेबनान में हिजबुल्ला के कई ठिकाने तबाह हुए, और संगठन के शीर्ष नेता हसन नसरल्ला को भी मार गिराने का दावा किया गया।
इजराइल की मांग:
डैनी डेनन ने कहा कि यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि हिजबुल्ला को फिर से सैन्य ताकत बढ़ाने का मौका न मिले। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और लेबनानी सरकार से अपील की कि वे हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी पर तुरंत रोक लगाएं।
इजराइल और हिजबुल्ला के बीच तनाव फिर से बढ़ने के आसार हैं। अगर ईरान की ओर से हिजबुल्ला को समर्थन जारी रहता है, तो यह न केवल इजराइल बल्कि पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का कारण बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस मामले में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
ईरान हिजबुल्ला को फिर से मजबूत करने में जुटा, इजराइल ने संयुक्त राष्ट्र में जताई चिंता
इजराइल ने संयुक्त राष्ट्र को चेतावनी दी है कि ईरान लेबनान में हिजबुल्ला को फिर से मजबूत करने के लिए हथियार और वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। इजराइली राजदूत डैनी डेनन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को एक पत्र लिखकर इस गंभीर स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया है।
हिजबुल्ला और ईरान का गठजोड़:
डैनी डेनन ने आरोप लगाया कि ईरान, सीरिया-लेबनान सीमा और हवाई तथा समुद्री मार्गों के जरिए हिजबुल्ला को हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन तस्करी मार्गों पर सख्ती से रोक लगाने का आग्रह किया।
पश्चिम एशिया पर खतरा:
इजराइल का कहना है कि हिजबुल्ला की ताकत में इजाफा न केवल इजराइल बल्कि पूरे पश्चिम एशिया और अमेरिका के सहयोगियों के लिए खतरा है। अमेरिकी खुफिया विभाग ने भी हाल ही में ऐसी ही चेतावनी जारी की थी।
पिछले युद्ध और विवाद:
बीते साल नवंबर में इजराइल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम समझौता हुआ था, जिसके तहत दक्षिणी लेबनान में लेबनानी आर्मी को तैनात करने और सेनाओं को हटाने का निर्णय लिया गया था।
हालांकि, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया।
इजराइल के हमलों में लेबनान में हिजबुल्ला के कई ठिकाने तबाह हुए, और संगठन के शीर्ष नेता हसन नसरल्ला को भी मार गिराने का दावा किया गया।
इजराइल की मांग:
डैनी डेनन ने कहा कि यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि हिजबुल्ला को फिर से सैन्य ताकत बढ़ाने का मौका न मिले। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और लेबनानी सरकार से अपील की कि वे हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी पर तुरंत रोक लगाएं।
इजराइल और हिजबुल्ला के बीच तनाव फिर से बढ़ने के आसार हैं। अगर ईरान की ओर से हिजबुल्ला को समर्थन जारी रहता है, तो यह न केवल इजराइल बल्कि पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का कारण बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस मामले में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।