ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस पर वैश्विक हलचल: सात मुस्लिम देशों का समर्थन, रूस और वेटिकन अब भी असमंजस में.
ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस पर वैश्विक हलचल: सात मुस्लिम देशों का समर्थन, रूस और वेटिकन अब भी असमंजस में
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई हैं। इस बोर्ड में शामिल होने के समर्थन में सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और कतर ने एक संयुक्त बयान जारी किया है।
इससे पहले इजराइल सार्वजनिक रूप से इस बोर्ड में शामिल होने की पुष्टि कर चुका है। वहीं ट्रंप ने दावा किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी इसमें शामिल होने पर सहमत हो गए हैं। हालांकि क्रेमलिन की ओर से कहा गया कि रूस अभी इस न्योते पर विचार कर रहा है।
शुरुआत में माना जा रहा था कि यह बोर्ड इजराइल और हमास के बीच गाजा में जारी दो साल पुरानी जंग को खत्म करने और पुनर्निर्माण की निगरानी में भूमिका निभाएगा। लेकिन प्रस्तावित चार्टर में फिलिस्तीनी इलाक़ों का कोई स्पष्ट ज़िक्र नहीं है, जिससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि यह संस्था संयुक्त राष्ट्र की कुछ भूमिकाओं की जगह लेने के लिए बनाई जा रही है।
हालांकि सऊदी अरब की ओर से जारी सात देशों के संयुक्त बयान में कहा गया है कि वे गाजा में स्थायी युद्धविराम को मजबूत करने, पुनर्निर्माण और “न्यायपूर्ण व स्थायी शांति” को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से इस पहल का समर्थन कर रहे हैं।
अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप के इस बोर्ड में कितने देशों को न्योता दिया गया है। यूएई, बहरीन, अल्बानिया, आर्मेनिया, अजरबैजान, बेलारूस, हंगरी, कजाकिस्तान, मोरक्को और वियतनाम पहले ही इसमें शामिल हो चुके हैं।
बुधवार को वेटिकन ने भी पुष्टि की कि पोप लियो को इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता मिला है, हालांकि उन्होंने इसे स्वीकार किया है या नहीं, इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है।स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट गोलोब ने इस न्योते को ठुकरा दिया है ”