कांगो में संकट: गोमा पर एम23 विद्रोहियों का कब्ज़ा, हजारों का पलायन.
कांगो में संकट: गोमा पर एम23 विद्रोहियों का कब्ज़ा, हजारों का पलायन
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के दक्षिण में स्थित गोमा शहर पर विद्रोही गुट एम23 ने कब्जा कर लिया है। इस घटना ने पहले से अशांत क्षेत्र में हिंसा और अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।

गोमा पर कब्जे के बाद हालात
स्थानीय वीडियो में एम23 विद्रोहियों को गोमा शहर के मुख्य रास्तों पर पेट्रोलिंग करते देखा गया है। कांगो की सेना को पीछे धकेलने के बाद विद्रोहियों ने शहर में नियंत्रण स्थापित कर लिया।
गोलीबारी और धमाकों से प्रभावित शहर की लाखों की आबादी के बीच दहशत का माहौल है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शहर में घंटों तक चली हिंसा के बाद अब सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। इस संकट के चलते दस हजार से अधिक लोग पास के कस्बों में पलायन कर गए हैं।
कांगो-रवांडा के बीच बढ़ता तनाव
कांगो के विदेश मंत्री ने रवांडा पर एम23 विद्रोहियों का समर्थन करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रवांडा ने विद्रोहियों की मदद के लिए सीमा पर सैनिकों को भेजकर स्थिति को और भड़काया है।
दूसरी ओर, रवांडा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि कांगो उन सशस्त्र गुटों का समर्थन कर रहा है जो रवांडा में सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं।
कीनिया का युद्धविराम का आह्वान
इस बढ़ते तनाव के बीच कीनिया ने युद्धविराम की अपील की है। कीनिया के राष्ट्रपति और पूर्व अफ्रीका कम्युनिटी के वर्तमान अध्यक्ष विलियम रुटो ने कांगो और रवांडा को वार्ता के लिए एक क्षेत्रीय आपातकालीन शिखर सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया है। यह बैठक अगले दो दिनों में होने की संभावना है।
एम23 का बढ़ता प्रभाव
साल 2021 से, विद्रोही गुट एम23 कांगो के एक बड़े इलाके पर नियंत्रण बनाए हुए है। अब गोमा जैसे बड़े शहर पर कब्जा एम23 की ताकत और क्षेत्रीय स्थिति में उनके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
गोमा शहर पर एम23 विद्रोहियों का कब्जा क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
कांगो में संकट: गोमा पर एम23 विद्रोहियों का कब्ज़ा, हजारों का पलायन
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के दक्षिण में स्थित गोमा शहर पर विद्रोही गुट एम23 ने कब्जा कर लिया है। इस घटना ने पहले से अशांत क्षेत्र में हिंसा और अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।
गोमा पर कब्जे के बाद हालात
स्थानीय वीडियो में एम23 विद्रोहियों को गोमा शहर के मुख्य रास्तों पर पेट्रोलिंग करते देखा गया है। कांगो की सेना को पीछे धकेलने के बाद विद्रोहियों ने शहर में नियंत्रण स्थापित कर लिया।
गोलीबारी और धमाकों से प्रभावित शहर की लाखों की आबादी के बीच दहशत का माहौल है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शहर में घंटों तक चली हिंसा के बाद अब सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। इस संकट के चलते दस हजार से अधिक लोग पास के कस्बों में पलायन कर गए हैं।
कांगो-रवांडा के बीच बढ़ता तनाव
कांगो के विदेश मंत्री ने रवांडा पर एम23 विद्रोहियों का समर्थन करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रवांडा ने विद्रोहियों की मदद के लिए सीमा पर सैनिकों को भेजकर स्थिति को और भड़काया है।
दूसरी ओर, रवांडा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि कांगो उन सशस्त्र गुटों का समर्थन कर रहा है जो रवांडा में सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं।
कीनिया का युद्धविराम का आह्वान
इस बढ़ते तनाव के बीच कीनिया ने युद्धविराम की अपील की है। कीनिया के राष्ट्रपति और पूर्व अफ्रीका कम्युनिटी के वर्तमान अध्यक्ष विलियम रुटो ने कांगो और रवांडा को वार्ता के लिए एक क्षेत्रीय आपातकालीन शिखर सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया है। यह बैठक अगले दो दिनों में होने की संभावना है।
एम23 का बढ़ता प्रभाव
साल 2021 से, विद्रोही गुट एम23 कांगो के एक बड़े इलाके पर नियंत्रण बनाए हुए है। अब गोमा जैसे बड़े शहर पर कब्जा एम23 की ताकत और क्षेत्रीय स्थिति में उनके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
गोमा शहर पर एम23 विद्रोहियों का कब्जा क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।