शपथ से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडन पर सत्ता हस्तांतरण में बाधा डालने का आरोप लगाया.
शपथ से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडन पर सत्ता हस्तांतरण में बाधा डालने का आरोप लगाया
अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को देश के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। इस ऐतिहासिक दिन से पहले, ट्रंप ने मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन पर सत्ता हस्तांतरण को कठिन बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि बाइडन प्रशासन जानबूझकर ऐसे फैसले ले रहा है जो सत्ता हस्तांतरण में बाधा डाल सकते हैं। उन्होंने कहा, "ग्रीन न्यू स्कैम," धन की बर्बादी के फैसले और हास्यास्पद कार्यकारी आदेश इसका उदाहरण हैं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ये सभी आदेश उनकी सरकार बनने के बाद जल्द ही समाप्त हो जाएंगे, और अमेरिका सामान्य समझ और ताकत वाला देश बनेगा।

बाइडन द्वारा अमेरिका के अधिकांश तटरेखा पर तेल और प्राकृतिक गैस की खुदाई पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के बाद यह विवाद और बढ़ गया है।
ट्रंप ने बाइडन के जलवायु और अन्य प्रशासनिक आदेशों की आलोचना करते हुए कहा कि ये फैसले अनावश्यक और नुकसानदायक हैं। उन्होंने अपने समर्थकों को आश्वस्त किया कि नई सरकार आने के बाद ऐसी नीतियों को बदला जाएगा।
शपथ ग्रहण के करीब आते ही यह राजनीतिक खींचतान अमेरिका में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को और जटिल बना रही है।
शपथ से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडन पर सत्ता हस्तांतरण में बाधा डालने का आरोप लगाया
अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को देश के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। इस ऐतिहासिक दिन से पहले, ट्रंप ने मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन पर सत्ता हस्तांतरण को कठिन बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि बाइडन प्रशासन जानबूझकर ऐसे फैसले ले रहा है जो सत्ता हस्तांतरण में बाधा डाल सकते हैं। उन्होंने कहा, "ग्रीन न्यू स्कैम," धन की बर्बादी के फैसले और हास्यास्पद कार्यकारी आदेश इसका उदाहरण हैं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ये सभी आदेश उनकी सरकार बनने के बाद जल्द ही समाप्त हो जाएंगे, और अमेरिका सामान्य समझ और ताकत वाला देश बनेगा।
बाइडन द्वारा अमेरिका के अधिकांश तटरेखा पर तेल और प्राकृतिक गैस की खुदाई पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के बाद यह विवाद और बढ़ गया है।
ट्रंप ने बाइडन के जलवायु और अन्य प्रशासनिक आदेशों की आलोचना करते हुए कहा कि ये फैसले अनावश्यक और नुकसानदायक हैं। उन्होंने अपने समर्थकों को आश्वस्त किया कि नई सरकार आने के बाद ऐसी नीतियों को बदला जाएगा।
शपथ ग्रहण के करीब आते ही यह राजनीतिक खींचतान अमेरिका में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को और जटिल बना रही है।