हाईटेक हुई मोहन कैबिनेट, टैबलेट लेकर पहुंचे मुख्यमंत्री एवं मंत्री, स्पेस टेक नीति-2026 सहित सोलर परियोजनाओं को मंजूरी.
भोपाल। मोहन कैबिनेट अब हाईटेक हो गई है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव सहित सारे मंत्री टैबलेट लेकर पहुंचे। बैठक में स्पेस टेक नीति–2026 सहित सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए 800 मेगावाट बिजली से संबंधित तीन एजेंडों को मंजूरी दी है।
कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि राजगढ़ जिले में सारंगपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारीकारण सिंचाई योजना 396.21 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही खटनार तहसील के 26 गांवों की 1140 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। रायसेन जिले की सुल्तानपुर उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई। 115.99 करोड़ की प्रशासकीय स्वीक जिससे 20 गांवों की 5 हजार से ज्यादा हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी। इसी जिले की बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना की लागत 386.22 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा खरनार तहसील की 15 हजार हेक्टेयर से ज्यादा की भूमि की सिंचाई होगी।
स्पेस टेक नीति से एक हजार करोड़ का निवेश
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि स्पेस टेक नीति को मंजूरी दिए जाने से स्थानीय स्तर पर उपग्रह निर्माण को लेकर कवायद होगी और पांच साल में इसमें एक हजार करोड़ रुपए का निवेश आएगा। इस नीति से 8 हजार रोजगार सृजन की भी बात कही गई है।
200 नए सांदीपनी विद्यालय खुलेंगे
कैबिनेट ने प्रदेश की आबकारी नीति के निर्धारण हेतु मंत्री परिषद के गठन को मंजूरी दी है। बैठक में प्रदेश के 200 संदीपनी विद्यालयों के भवन निर्माण हेतु 3660 करोड़ रु से ज्यादा की मंजूरी दी गई है। 275 प्रथम चरण में स्वीकृति हुई थी। एक विद्यालय पर लगभग 17 से 18 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। कैबिनेट बैठक में शैक्षणिक वर्ग के शिक्षकों चतुर्थ क्रमोन्नति वेतनमान लागू करने की स्वीकृति दी गई। सहायक शिक्षक, शिक्षक, नवीन शिक्षक की स्वीकृति हुई है। 322.34 करोड़ का व्यय होगा। शिक्षकों के लिए राहत भरा निर्णय है।
सिंहस्थ के लिए जन आवर्धन योजना
सिंहस्थ को ध्यान में उज्जैन संभाग की जल आवर्धन योजना 1133.67 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा आज कैबिनेट बैठक में सोलर स्टोरेज परियोजनाओं और मप्र स्पेस टेक नीति 2026 को स्वीकृति दी है। साथ ही रामचरण गौतम सहायक उप निरीक्षक को ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर एक करोड़ रुपए की श्रद्धानिधि देने का फैसला किया गया है।
सीएम ने चायनीज मांझे पर जताई चिन्ता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति पर्व की मंगल कामनाएं दीं और कहा कि सभी जिलों में यह सुनिश्चित किया जाए कि चाइनीज मांझे से कोई दुर्घटना ना घटे। मोहन सरकार की यह पहली हाईटेक कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री और मंत्री फाइलों के बजाय टैबलेट लेकर पहुंचे। सभी ने अपने प्रस्ताव टैबलेट पर देखकर ही रखे और मुख्यमंत्री ने भी टैबलेट में देखकर उन प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर-
-वर्ष 2026-27 की नई आबकारी नीति के लिए मंत्रिपरिषद समिति के गठन प्रस्ताव पर चर्चा।
-मोहनपुरा विस्तारीकरण (सारंगपुर) सिंचाई परियोजना को 396.21 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
-सुल्तानपुर उद्वहन सिंचाई परियोजना को 115.99 करोड़ रुपए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
-बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना को 386.22 करोड़ रुपए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
-भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुदीप सिंह को रिटायरमेंट के बाद मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड भोपाल के सदस्य सचिव के संविदा पद पर नियुक्ति को मंजूरी।
-स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर सांदीपनि विद्यालय योजना के दूसरे चरण के लिए 200 नए सांदीपनि विद्यालयों को मंजूरी दी गई। इसमें 2660 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
-शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों, सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नए शैक्षणिक संवर्ग को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतन मान योजना लागू करने को मंजूरी दी गई। इसमें 322.34 करोड़ का खर्च आएगा।
-परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर ग्वालियर व्यापार मेला 2026 और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में आटोमोबाइल बेचने पर परिवहन टैक्स में 50 प्रतिशत छूट दिए को स्वीकृति दी गई।
-उज्जैन शहर की 1133 करोड़ की जल आवर्धन योजना को मंजूरी दिए जाने के नगरीय विकास विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा।
-सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव पर रिटायर्ड आईएएस गोपाल चंद्र डांड को मुख्यमंत्री कार्यालय में ओएसडी बनाने जाने के मामले में एक साल की वृद्धि किए जाने का अनुसमर्थन।