मौनी अमावस्या पर संगम में हंगामा: शंकराचार्य को स्नान से रोके जाने पर बवाल, पुलिस-साधुओं में झड़प.
मौनी अमावस्या पर संगम में हंगामा: शंकराचार्य को स्नान से रोके जाने पर बवाल, पुलिस-साधुओं में झड़प
प्रयागराज में मौनी अमावस्या स्नान के दौरान रविवार सुबह संगम क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को संगम स्नान से रोके जाने के बाद उनके समर्थक साधु-संतों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस ने शंकराचार्य को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई। शंकराचार्य के समर्थकों ने पांटून पुल के पास तोड़-फोड़ कर दी, जबकि अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों ने पुल नंबर-4 की बैरिकेड भी तोड़ दी। इससे माघ मेला क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
आरोप है कि पुलिस ने साधु-संतों के साथ धक्का-मुक्की की और रथ को धकेलकर वापस कर दिया। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों को जबरन घाट की ओर धकेला गया, जबकि पुलिस ने पांच साधु-संतों को हिरासत में भी ले लिया।
पुलिस से झड़प की सूचना वायरलेस पर प्रसारित होते ही बड़ी संख्या में अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ संगम तट पर पहुंच गए। पुलिस ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रथ से नीचे उतरने की अनुमति नहीं दी और स्पष्ट किया कि जुलूस के साथ संगम तट जाने की इजाजत नहीं है। प्रशासन ने केवल पांच लोगों के साथ स्नान करने की अनुमति देने की बात कही, जिस पर शंकराचार्य ने कड़ा विरोध जताया और पुलिस प्रशासन के रवैये को मनमाना करार दिया।
घटना के बाद पूरा संगम क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए और हालात को नियंत्रित करने में जुट गए।
मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर स्नान के लिए जा रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ और जुलूस को रास्ते में रोके जाने से उनके समर्थकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। इस पूरे घटनाक्रम के चलते संगम क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव और अव्यवस्था का माहौल बना रहा।