इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद बोले अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती- हमको पता था कि झूठ की उम्र ज्यादा नहीं होती है.
इलाहाबाद। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अगली सुनवाई मार्च के तीसरे हफ्ते में होगी। तब तक शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी। पुलिस पूछताछ कर सकती है।
कोर्ट के फैसले पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वो वकील से चर्चा करने के बाद बात करेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि हमको पता था कि झूठ की ताकत होती है, सच की भी ताकत होती है। झूठ की ताकत परेशान करने वाली होती है, सत्य की ताकत पराजित करने का काम करती है। हमको पता था कि झूठ की उम्र ज्यादा नहीं होती है।
शुक्रवार को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने आरोपियों को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पक्षकारों से कहा है कि 12 मार्च तक 2026 तक अपने तर्क के समर्थन में पूर्व फैसलों का उल्लेख करते हुए लिखित बहस दाखिल करें। उल्लेखनीय है कि आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) के आदेश के क्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद व अन्य के खिलाफ झूंसी थाने में एफआइआर दर्ज की गई है। झूंसी पुलिस मुकदमा दर्ज होने के बाद पूछताछ कर चुकी है। पीड़ितों का बयान और मेडिकल भी हो चुका है।