दिल्ली के कंझावला जैसी दरिंदगी दोहराई गई: मिर्जापुर में कार 10 किमी तक युवक को घसीटती ले गई, सड़क बनी खून से लाल.
दिल्ली के कंझावला जैसी दरिंदगी दोहराई गई: मिर्जापुर में कार 10 किमी तक युवक को घसीटती ले गई, सड़क बनी खून से लाल
दिल्ली के कंझावला कांड की याद दिलाने वाली एक और दिल दहला देने वाली घटना उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में सामने आई है। अदलहाट थाना क्षेत्र के भुईली खास गांव के पास गुरुवार दोपहर करीब सवा एक बजे एक तेज रफ्तार कार ने स्कूटी सवार युवक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद युवक कार में फंस गया और कार चालक उसे करीब 10 किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गया। इस दौरान सड़क पर खून के निशान फैलते चले गए और युवक का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।
मृतक की पहचान चंदौली जिले के चकिया थाना क्षेत्र के गनेशपुर निवासी धर्मेंद्र (25) के रूप में हुई है। धर्मेंद्र गुरुवार सुबह अपनी बहन और जीजा के साथ स्कूटी से जा रहा था।। तभी अदलहाट से शेरवां की ओर जा रही कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद स्कूटी सवार बालू के ढेर पर गिर पड़े और कार भी वहीं चढ़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान धर्मेंद्र कार में फंस गया। भागते समय कार ने कंबल वितरण के लिए खड़े लोगों को भी टक्कर मार दी, जिसमें आठ लोग घायल हो गए। कार चालक युवक को घसीटते हुए शेरवां की ओर भागता रहा और अंततः चंदौली जिले के चकिया थाना क्षेत्र के मझगवां गांव के पास सड़क किनारे खेत में कार उतार दी।
करीब 10 किलोमीटर तक युवक को घसीटे जाने से सड़क खून से लाल हो गई थी। पीछा कर रही पुलिस मौके पर पहुंची तो कार सवार एक युवक फरार हो गया, जबकि एक को पकड़ लिया गया। हादसे के बाद आक्रोशित भीड़ ने शेरवां पुलिस चौकी के बाहर चक्काजाम कर दिया और जमकर हंगामा किया। समझाने-बुझाने के बाद करीब एक घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
अदलहाट पुलिस के अनुसार, कार चालक जीशान निवासी वाराणसी के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक कार में जीशान के साथ सात साल का एक बच्चा भी था, जिसने कथित तौर पर स्टेयरिंग खींच दी, जिससे हादसा हुआ। कार सीआरपीएफ के जवान सौरभ निवासी बिहार की बताई जा रही है, जो फिलहाल श्रीनगर में तैनात है। कार को उसने आजमगढ़ निवासी हेमंत सिंह को बेचा था, जिसने जीशान को गाड़ी दिखाने के लिए भेजा था।
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और हादसों के बाद जिम्मेदारी से भागने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।